लखनऊ. विजयश्री हॉस्पिटल की संचालिका के एमबीबीएस की डिग्री छिन सकती है। उनपर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनता के स्वास्थ्य लाभ के लिए संचालित नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत बगैर ऑपरेशन पैसा लेने का आरोप है। डीएम सीतापुर की जांच रिपोर्ट के आधार पर राजधानी के सीएमओ ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर डिग्री निरस्त करने की मांग की है। साथ ही स्टेट मेडिकल फैकल्टी के रजिस्ट्रार को अस्पताल के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए लिखा है।
इससे पूर्व एक नाबालिग छात्रा का गर्भपात कराने के आरोप में पुलिस ने हॉस्पिटल की संचालिका को जेल भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक विजयश्री हॉस्पिटल (पूर्व में वरदान हॉस्पिटल) के चिकित्सकों ने व्यापक पैमाने पर सीतापुर जनपद से इलाज और ऑपरेशन की आड़ में गलत तरीके से पैसे लिए हैं। यह गरीबों के नाम पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लिए गए हैं।
मामले की शिकायत पाए जाने पर सीतापुर डीएम ने जांच कराई। जांच अधिकारी को विजय, रामकरण, लालसा के एक्सटर्नल फिजिकल एग्जामिनेशन के दौरान इस बात का जिक्र नहीं मिला कि ऑपरेशन हुआ या नहीं। पूरे मामले में ऑपरेशन का प्रकरण संदिग्ध पाया गया।
बेड हेड टिकट (बीएचटी) के मुताबिक उनके ऑपरेशन 13 अप्रैल 2011 को हुए थे। ऑपरेशन से संबंधित जो ब्लड रिपोर्ट मिली, वह तीन माह पुरानी यानि 14 जनवरी 2011 की पाई गई। इसी प्रकार हरीशन लाल के हाइड्रोसील से संबंधित ऑपरेशन की बाबत शरीर पर कोई भी निशान नहीं मिला। इतना ही नहीं मौके पर जांच के दौरान दोनों अंडकोष सही सलामत मिले।
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