लखनऊ. यूपी पॉवर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों ने मंगलवार को जमकर तांडव किया। प्रोन्नति और वेतन के मांग की आड़ में कर्मचारियों ने नियम-कानून की धज्जियां उड़ाते हुए पुलिस को ही अपना निशाना बनाया। करीब दो घंटे तक अशोक मार्ग पर बिजली कर्मियों और पुलिस के बीच दो घंटे तक खूनी संघर्ष चला। वहीं, जमकर हुए पथराव में दर्जनों गाडि़यां क्षतिग्रस्त हुईं और एक जीप को आग के हवाले कर दिया गया। इसमें एसपी ट्रैफिक ज्ञानप्रकाश चतुर्वेदी का हाथ भी टूट गया। डीआईजी आरके चर्तुवेदी ने बताया कि इस मामले में दर्जनभर लोगों को नामजद करते हुए अभी तक करीब 153 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
यूपी पॉवर कॉरपोरेशन के राज्य भर से एकत्र संविदा के कर्मी अपनी मांगों को लेकर शक्ति भवन के सामने बैठक कर रहे थे। इनकी मांग प्रोन्नति के साथ ही तीन महीने के नहीं मिले वेतन की है। बैठक के बाद यह लोग जुलूस की बात कहकर विधान भवन की ओर धरना प्रदर्शन करने जा रहे थे। पुलिस ने इनको रोका तो यह लोग भड़क उठे और अशोक मार्ग पर उत्पात मचाने लगे।
पथराव तथा तोड़फोड़ में इन लोगों ने वहां की दुकानों और शक्ति भवन के सामानों को भी नहीं छोड़ा। पुलिस ने स्थिति नियंत्रण के बाहर होती देखकर लाठी चार्ज किया। इन कर्मियों के पथराव में बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी चोटिल हुए हैं। पुलिस ने भी उत्पाती कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पथराव के दौरान कई अशोक मार्ग पर खड़ी कई गाडि़यों के शीशे चकनाचूर हो गए। पुलिस की भी एक जीप को आग के हवाले कर दिया गया।
पत्रकारों पर निकाली एसएसपी ने खीज
अपराध रोकने में पुलिस लगातार विफल हो रही है। मंगलवार को भी पुलिस की विफलता के चलते शहर अराजकता की भेंट चढ़ गया। एसएसपी यशस्वी यादव जब मौके पर पहुंचे तो उत्पाती अपना काम कर जा चुके थे। कुछ पत्रकारों ने जब बलवाइयों के श्रीराम टॉवर में होने की जानकारी दी तो बजाय उन पर कार्रवाई के एसएसपी ने पत्रकारों पर ही कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। इस पर पत्रकारों के प्रतिक्रिया करने पर वह वहां से चले गए।
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