लखनऊ. पति को खुदकुशी के लिए उकसाने वाली पत्नी को कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। स्थानीय कोर्ट ने पाया कि पति को पत्नी ने दहेज प्रताड़ना संबंधी केस में फंसा कर खुदकुशी के लिए मजबूर कर दिया। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने मृतक की पत्नी को जेल भेज दिया। कोर्ट ने दस हजार का जुर्माना भी लगाया है।
इससे पहले अपर सत्र न्यायाधीश एएन पांडे ने पत्नी को शादी के बाद से ही पति को प्रताड़ित करने का दोषी पाया था। अभियोजन के मुताबिक, राजेश केसरवानी और श्रद्धा वर्मा उर्फ सरला ने 20 मई 2011 को आर्यसमाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था।
सरला शादी के 25 दिन बाद ही वह वापस लौट गई और बाद में उसने राजेश पर दहेज प्रताड़ना समेत कई केस करवा दिए। फर्जी मुकदमों से आजिज आकर पति राजेश ने 24 मार्च 2012 को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद मामला उलझता गया और राजेश के घरवालों ने कोर्ट की शरण ले ली। राजेश ने मौत से पहले जो सुसाइड नोट लिखा था, वह उसकी पत्नी के लिए काल बन गया।
सुसाइड नोट ने पत्नी को पहुंचाया जेल
महिला के पति ने सुसाइड नोट में लिखा था कि उसकी मौत के लिए पत्नी जिम्मेदार है। घटना की प्राथमिकी मृतक के भाई राकेश केसरवानी ने हुसैन गंज थाने पर लिखवाई थी। जांच के बाद पुलिस ने पत्नी को पति को खुदकुशी के लिए प्रेरित करने का दोषी पाकर, उसके खिलाफ आईपीसी की धारा-306 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।
फोटोः प्रतीकात्मक।