लखनऊ. राज्य कला अकादमी में वाइल्ड लाइफ प्रदर्शनी देखने पहुंचे राज्यपाल राम नाइक ने कलानगरी की खूब प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ कलानगरी के बारे में सुना था पर यहां आकर इसका अनुभव भी ले रहा हूं। इस दौरान उन्होंने कला में अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि मुझे कला बिल्कुल नहीं आती। प्रदर्शनी के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि राजधानी में डांस, नाटक, बुकशो और कई मेले लगते रहते हैं। वैसे भी यहां कि चित्रकला और शिल्पकला बेजोड़ है। इस दौरान उन्होंने यहां के लोगों और मीडिया के कामों की भी सराहना की।
बीते शनिवार राज्य कला अकादमी में वाइल्ड लाइफ पेंटिंग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसका लोकापर्ण राज्यपाल राम नाइक ने किया। नाइक ने प्रदर्शनी की तारीफ की। चित्रकार कृष्ण कन्हाई ने कहा कि सरकार कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए यह सम्मान दे रही है। इससे हम लोगों में ताकत और अच्छा करने का प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कहा कि यह बड़ी बात है कि सीएम खुद यह सम्मान दे रहे हैं।
प्रदशर्नी में मो. इसहाक, जे बी साहनी, पुष्पा सिंह, राना चौधरी समेंत कई कलाकारों की पेंटिंग प्रदर्शनी में लगी थी। कार्यक्रम के दौरान वन्य संरक्षक मुकेश कुमार भी मौजूद थे। यहां मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि यूपी में आए मुझे छह महीने हो चुके हैं। थोड़ा बहुत राजधानी के बाहर भी गया हूं, लेकिन प्रदेश इतना बड़ा है कि हर जिले में जाने के लिए 6-8 महीने और लग जाएंगे।
कला में है हाथ तंग
राज्यपाल राम नाइक ने यहां अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि जब वह एलीमेंटरी क्लास में थे, तब उनकी आर्ट इतनी अच्छी नहीं थी। ड्राइंग का टेस्ट देना जरुरी होता था भले ही बाकि एग्जाम में पास हो या फेल। एक बार उनके दिमाग में आदमी-बंदर और टोपी की कहानी याद आई। उन्होंने कहा इसके बाद पेड़ तो आराम से बन गया, लेकिन बंदर बनाने की कोशिश में केवल पूंछ ही बन पाई।
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