फोटो: सुरक्षा के मद्देनजर महिला कांस्टेबल सुनीता तिवारी को एसएसपी के आदेशानुसार रिवॉल्वर दी गई है।
लखनऊ. अकेले और निहत्थे दरोगा और उसके दोस्त से मुकाबला करके दोनों को हवालात पहुंचाने वाली राजधानी की मर्दानी सुनीता तिवारी को गुरुवार को एसएसपी के आदेश पर रिवाल्वर दिया गया है। जब से महिला पुलिसकर्मी ने साहस दिखा कर दोनों शोहदों को हवालात भेजा था तब से उसे बार-बार अंजाम भुगतने की धमकी मिल रही थी। हाल ही में उस पर दो बार हमला भी हो चुका है। ऐसे में उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एसएसपी ने विभाग की ओर से उसे रिवाल्वर दिए जाने का आदेश दे दिया है। अब तक सिर्फ क्राइम ब्रांच में तैनात कांस्टेबल को रिवाल्वर दिया जाता है, अन्य को नहीं।
वर्तमान में, राजधानी की मर्दानी सुनीता तिवारी हजरतगंज महिला थाने में तैनात है। मर्दानी को रिवाल्वर दिए जाने के बारे में हजरतगंज महिला थाना प्रभारी कनकलता दुबे ने कहा कि, अब तो शोहदों की खैर नहीं। जब निहत्थी सुनीता ने इतना साहस दिखाया तो हथियार के साथ उसकी ताकत दोगुनी हो जाएगी।
वहीं, जब रिवाल्वर मिलने के बाद मर्दानी बात की गई तो उन्होंने कहा कि आपको हमेशा गलत चीजों के विरोध में खड़े होना चाहिए। हमेशा आपका उद्देश्य बुराई की खिलाफत होना चाहिए, उसकी कीमत चाहे जो भी हो। जहां तक रिवाल्वर मिलने की बात है तो हथियार रहने से इंसान की ताकत बढ़ जाती है। मैं आगे भी बुराई के खिलाफ अपनी जंग जारी रखूंगी।
क्या था मामला
एक हफ्ते पहले बुधवार की रात महिला थाने में तैनात सिपाही सुनीता तिवारी ने महानगर चौराहे से कुछ दूरी पर विजिलेंस विभाग में तैनात दरोगा और उसके एक साथी को एक युवती से छेडख़ानी करते वक्त अकेले ही पकड़ा था। ड्यूटी से लौटते वक्त सुनीता ने देखा कि तीन लोग एक लड़की के साथ अभद्रता कर रहे थे। वो अकेले ही उनसे भिड़ गई। उसने लड़की को युवकों के चंगुल से छुड़वाया और दो लोगों को पकड़वाकर जेल भिजवा दिया। इसमें से एक विजिलेंस में तैनात दिनेश सिंह बिष्ट भी थे।
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