लखनऊ. राज्यपाल से एक आईएएस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। आरोप है कि इस आईएएस ने लखनऊ यूनिवर्सिटी के महिला छात्रावास में घुसकर यूनिवर्सिटी के नियम तोड़े थे और महिला प्रोवोस्ट के साथ अभद्रता की थी। इसको लेकर शिक्षक संघ (लुटा) ने मोर्चा खोल दिया है। यह भी आरोप है कि हॉस्टल के गेट पर गाड़ी रोके जाने से नाराज पूर्व आईएएस ने अभद्र टिप्पणियां और धमकी दी।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को राज्य लोक सेवा अभिकरण के सदस्य टीपी पाठक (आईएएस) लखनऊ यूनिवर्सिटी के कैलाश छात्रावास में जबरन घुसे थे। इस दौरान यूनिवर्सिटी के छात्रावास की प्रोवोस्ट प्रो. शीला मिश्रा कार्यालय में थीं। टीपी पाठक ने ओहदे के नशे में चूर हो कर छात्रावास में रहने वाली एक छात्रा को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस दिए जाने के मामले में पैरवी करने आए थे। जब सुरक्षाकर्मी ने गेट पर इनकी गाड़ी रोकी, तो आईएएस ने सुरक्षाकर्मी से बदसलूकी करते हुए प्रोवोस्ट के कार्यालय में घुस गए।
टीपी पाठक पर आरोप है कि इस दौरान उन्होंने अपने को कुलपति से बड़ा भी बताया। इस पर प्रो. मिश्रा ने कुलपति, प्रोक्टोरिल बोर्ड और दूसरे संबंधित महकमों को भी लिखित शिकायत की है। वहीं यूनिवर्सिटी में पूरे दिन शिक्षक हो या कर्मचारी सभी ने आईएएस के इस रवैए को गलत ठहराया।
नियम सबके लिए एक है
इस बारे में कैलाश छात्रावास की प्रोवोस्ट प्रो. शीला मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा के चलते किसी भी बाहरी व्यक्ति को छात्रावास में आने की मनाही है। चाहे फिर वह कोई भी हो। देश को चलाने वाली मशीनरी के एक अहम अधिकारी जब इस तरह की हरकत करेंगे, तो भी देश का भविष्य भगवान भरोसे ही है। ऐसी मानसिकता वाले व्यक्ति को ऐसे अहम पद पर कतई नहीं होना चाहिए। टीपी पाठक ने यह भी नहीं सोचा कि छात्रावास में लड़कियां रहती हैं और यहां की प्रोवोस्ट खुद एक महिला हैं, बावजूद इसके उन्होंने बदसलूकी की है।
फाइल फोटोः लखनऊ यूनिवर्सिटी।