लखनऊ. आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक पार्टियों के साथ-साथ चुनाव आयोग ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आमचुनाव को देखते हुए केंद्रीय उपचुनाव आयुक्त विनोद जुत्सी ने सभी पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उपचुनाव आयुक्त ने पार्टी पदाधिकारियों की समस्या सुनने के साथ उनसे सुझाव भी मांगा। हालांकि इसबार के लोकसभा चुनाव खासकर प्रदेश में महिला मतदाता के साथ युवा वोटरों की संख्या बढ़ी है।
लखनऊ पहुंचे विनोद जुत्सी ने सबसे पहले राजनैतिक पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में भाजपा के अमित पूरी और हरिशंकर बाजपेयी, बसपा के सुखदेव राजभर, सपा के भगौती सिंह और अशोक बाजपेयी, रालोद के अनिल दुबे, कांग्रेस के राकेश मिश्र, पीस पार्टी के राजेश कुमार विद्यार्थी, रांकपा के श्रवण कुमार और भाकपा के अरविन्द राज स्वरुप मौजूद थे।
इस बैठक में पार्टी पदाधिकारियों ने उपचुनाव आयुक्त से कई मुद्दों पर चर्चा की। बहुजन समाज पार्टी के सुखदेव राजभर के अनुसार बैठक में विचार तो सबने अलग-अलग रखे, लेकिन सभी ने चुनाव फेयर कराने के लिए चुनाव आयोग को निर्वाचन प्रक्रिया सुधारने पर जोर दिया। साथ ही वोटर आईडी कार्ड की प्रक्रिया को सरल बनाने और आईडी कार्ड देने पर दस्तखत जरूर करवाने का सुझाव दिया। पदाधिकारियों ने पोलिंग बूथ आबादी वाले क्षेत्र से दूर बनाए जाने को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई।
साथ ही पदाधिकारियों की एक शिकायत ये भी थी कि छूटे हुए लोग जो वोटर आईडी कार्ड बनाने की लिस्ट क्षेत्रीय अधिकारियों को सौपते हैं उसे बगैर जांच किए ही केवल उस लिस्ट के दस फीसदी वोटर बढ़ाए जाने की संस्तुति करते हैं। इसके अलावा सभी पदाधिकारियों ने लाइन ऑर्डर को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई। पदाधिकारियों का कहना था कि लोकल और बाहर से आए पुलिस प्रशासन में ही आपस में कोऑर्डिनेशन नहीं होता।
इसपर उप निर्वाचन आयुक्त ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा को निर्देश देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए आयोग द्वारा तैयार गाइडलाइंस को सभी राजनैतिक दलों को मुहैया कराई जाए। साथ ही इसपर एक कार्यशाला भी आयोजित किया जाए ताकि राजनैतिक दलों के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर जो भी शिकायत या जिज्ञासाएं हैं वो शांत की जा सके।
इस दौरान मीडिया से बात करते हुए प्रदेश में निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने कहा कि इस बार भी युवाओं में आमचुनाव को लेकर जबरदस्त उत्साह है, अभी तक अकेले लखनऊ में अठारह साल से बीस साल तक के वोटरों की संख्या पचास हज़ार से अधिक हो गई, जबकि चुनाव तक ये आंकड़ा करीब डेढ़ लाख तक पहुंचने की सम्भावना है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर नए युवा वोटरों के साथ चालीस साल तक के वोटरों को भी शामिल कर लिया जाए तो वोटरों की संख्या बढ़कर पंद्रह लाख के आसपास पहुंच जाएगी। इस तरह अकेले लखनऊ में युवा वोटर का आंकड़ा ही करीब पचास फीसदी पहुंच जाएगा।
उमेश सिन्हा के मुताबिक़ इस बार पुरे उत्तर प्रदेश में करीब बयासी लाख नए मतदाता शामिल हुए हैं। इसमें सत्ताइस लाख युवा मतदाता है जिनकी उम्र 18 से 19 साल तक है। 82 लाख नए मतदाता में इसबार पुरुष और महिला मतदाता बराबर हैं, मतलब 41 लाख पुरुष हैं तो 41 लाख महिला मतदाता, जबकि 27 लाख युवा मतदाता में 15 लाख पुरुष तो 12 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। ऐसे उत्तर प्रदेश में कुल करीब 13 करोड़ 52 लाख मतदाता हैं। इनके मुताबिक़ इसबार महिला मतदाता में भी बारह फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
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