फोटो: घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस,इनसेट में मृतका।
लखनऊ. गोमतीनगर थानाक्षेत्र के विशालखंड में डिप्रेशन का शिकार युवती ने हाथ और गर्दन की नस काटकर आत्महत्या कर ली। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से कोई भी सुसाइड नोट नहीं बरामद हुआ है। पुलिस ने बताया कि वह अपनी मां के साथ अकेली ही रहती थी।
जानकारी के अनुसार गोमतीनगर निवासी पम्पा श्रीवास्तव बेटी ज्योता (35) के साथ रहती है। शुक्रवार देर रात वह अपना कमरा बंद करके सोई थी। शनिवार की सुबह कमरे से नहीं निकलने के पर उसकी बूढ़ी मां ने उसे बुलाने के लिए दरवाजा खटखटाया। पम्पा ने दरवाजा नहीं खोला तो उसने थककर पड़ोसियों को बुलाया। पड़ोसियों की मदद से खिड़की का शीशा तोड़कर देखा गया तो कमरे में पम्पा खून से लथपथ पड़ी हुई थी। पड़ोसियों ने पुलिस को फोन कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा काटकर कमरे के अंदर घुसी तो उसे बेड पर मृत पाया और उसका बेड खून से लथपथ था।
अपनी बूढ़ी मां के साथ अकेली रहती थी ज्योता
ज्योता अपनी मां-बाप की छोटी बेटी थी। उसकी बड़ी बहन शादी करके अपने पति के साथ वड़ोदरा में रहती है। उसके पिता कि 1996 में ही कैंसर से मौत हो चुकी है। वह अपनी मां के साथ अकेले ही विशालखंड 2/87 में रहती थी। बेटी के द्वारा इस तरह के कदम उठाने से अभी भी मां सदमे में हैं।
नेचुरोपैथी की स्टूडेंट थी ज्योता
ज्योता नेचुरोपैथी की पढ़ाई कर चुकी है। आगे भी इसी फील्ड को वह अपना कैरियर बनाना चाहती थी, लेकिन पैसे की कमी उसके इस सपने के आड़े आ रही थी। इस कारण वह अपना यह काम शुरू नहीं कर पा पाई।
कहीं शादी तो नहीं थी वजह
सुत्रों के अनुसार, ज्योता का कई बार रिश्ता आया, लेकिन दहेज में घर मांगने को लेकर टूट गया। इससे युवती परेशान रहने लगी। मृतका के पिता सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया) में इंजीनियर थे। उनका मौत हो चुकी है। लोगों का कहना है कि घटना से पहले मां-बेटी में चाय को लेकर झगड़ा हुआ था।
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