आनंद के स्पीड ब्रेकर से पैदा होगी बिजली, हामिद ने बनाई हवा से चलने वाली कार

6 वर्ष पहले
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लखनऊ. कहा जाता है कि किसी देश का भविष्य उसके युवा ही होते हैं और युवाओं को मौके और संसाधन दिए जाएं, तो वे मुल्क की तरक्की में अपना योगदान दे सकते हैं। युवाओं के बारे में इसी कथन को हकीकत में बदला है सुलतानपुर के दो दोस्तों ने। इनका नाम है आनंद पांडेय और हसन रजा खान। आनंद ने स्पीड ब्रेकर से बिजली बनाने का तरीका निकाला है। उनका मानना है कि इस तरह से जो बिजली मिलेगी, उससे आठ से 10 घंटे का बैकअप लिया जा सकता है। वहीं, हसन ने बिना ड्राइवर के मेट्रो ट्रेन का मॉडल बनाया है। उन्होंने इसके पेटेंट के लिए आवेदन दिया है। वहीं, हामिद नाम के एक युवक ने हवा से चलने वाले इंजन का आविष्कार किया है।
सीएम अखिलेश यादव को अपने आविष्कार दिखाने शनिवार को राजधानी पहुंचे आनंद के मुताबिक स्पीड ब्रेकर से बिजली बनाने में करीब 10 से 12 लाख रुपए का खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि करीब तीन पेटेंट के लिए आवेदन किया हुआ है। वहीं, हसन के मुताबिक ड्राइवर विहीन मेट्रो ट्रेन का मॉडल बनाने में उनका 30 हजार रुपए खर्च हुआ है। उन्होंने मेट्रो का फायर प्रूफ मॉडल भी बनाया है। इस तर्ज पर मेट्रो में आग लगने की सूरत में ऑटोमैटिक पानी गिरना शुरू हो जाएगा। ये पानी री-साइकल होकर टैंक में पहुंच जाएगा। इससे पानी की बर्बादी भी नहीं होगी।
इस तरह पैदा होगी बिजली
आनंद पांडेय ने बताया कि उन्होंने स्पीड ब्रेकर से बिजली बनाने के लिए ब्रेकर की जगह रोलर लगाया है। इस रोलर में सेंसर होगा। साथ ही डायनमो भी लगा होगा, जिससे बिजली पैदा होगी। इस बिजली को बैटरी में स्टोर कर जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल किया जा सकता है। उनका दावा है कि इस तरह के स्पीड ब्रेकर लगाकर एक किलोमीटर के दायरे में कम से कम 10 स्ट्रीट लाइट्स को लगभग सात से आठ घंटे तक जलाया जा सकता है। सेंसर की वजह से स्ट्रीट लाइट्स खुद ऑफ भी होंगी। इससे बिजली भी बचेगी।
हवा से चलेगी कार
वहीं, बागपत के बसौद गांव के हामिद सैफी ने गाड़ियों में पेट्रोल और डीजल भरवाने और इनकी लगातार बढ़ती कीमत का तोड़ निकाला है। सैफी पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन उन्होंने 20 साल की मेहनत के बाद हवा से चलने वाले इंजन का इजाद किया है। इस इंजन को उन्होंने एक कार में लगाया है। हवा भरने पर ये इंजन 60 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से कार को दो किलोमीटर दूर तक ले जा सकता है। गाड़ी में इंजन लगा होने की वजह से इसे वह सीएम अखिलेश यादव को नहीं दिखा सके। सीएम ने अफसरों से कहा है कि गांव जाकर हामिद के बनाए इंजन को देखें। इंजन की खास बात ये है कि इसके साथ जुड़े टैंक में खुद हवा भरेगी और पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा। हामिद इस इंजन का पेटेंट कराने के लिए अर्जी देने वाले हैं।
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