लखनऊ. चिड़ियाघर (जू) में तैनात कर्मचारियों का पूरा ध्यान इसी पर रहता है कि कोई भी दर्शक खतरनाक बाड़ों में ज्यादा आगे तक नहीं जाए। इसके लिए सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात हैं। कई बार लोगों को टोकने या मना करने पर गार्ड से भिड़ तक जाते हैं। फिर भी सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं किया जाएगा। हमारे सभी सिक्योरिटी गार्ड, कीपर हर तरह से ट्रेंड है। गार्ड किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। जू में ट्रैकूलाइजर, गन और लेटेस्ट इक्विपमेंट भी हैं। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। यह बातें जू के निदेशक अनुपम गुप्ता ने कहीं।
बीते दिन दिल्ली के चिड़ियाघर में सफेद शेर के बाड़े में गिरे युवक को मारने की घटना के बाद लखनऊ जू में सुरक्षा को dainikbhaskar.com की टीम ने देखा। यहां भी इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। करीब सात साल पहले पतंग लेने गैंडे के बाड़े में उतरे बालक की मौत हो गई थी। इसके अलावा बाघ द्वारा एक आदमी का अंगूठा भी उखाड़ा जा चुका है। ऐसे कई उदाहरण यहां देखे गए हैं। हालांकि, निदेशक अनुपम गुप्ता का कहना है कि मानकों के अनुसार ही हर बाड़ा और बाउंड्री वॉल बनाई गई है।
गौरतलब है कि पुराने ब्यूटिफिकेशन काम के तहत जू की तमाम महीन तार वाली बाउंड्रीवाल हटा दी गई थी। इस पर निदेशक बताते हैं कि इसके कारण कई बार दर्शकों को चोट लगने लगी थी। जिसके चलते इसे बदलना पड़ा था। लेकिन, हमारा पूरा फोकस अन्य बाड़ों के साथ खतरनाक बाड़ों जैसे शेर, बाघ, गैंडे और घडि़याल आदि पर ज्यादा है।
लोगों को करेंगे जागरूक
निदेशक अनुपम गुप्ता बताते हैं कि 15 सिक्योरिटी गार्ड के साथ वॉलंटियर्स को भी सुरक्षा और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही दिल्ली जैसे हादसे में क्विक रिस्पांस के लिए भी ट्रैनिंग समय-समय पर दी जाती है। इसके साथ वन्य जीव सप्ताह में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा
फोटो: लखनऊ का चिड़ियाघर।