मेरठ. टेस्ट ट्यूब बेबी विधि के जरिए एक ऐसी महिला दो जुड़वां बच्चों की मां बनी है, जिसमें सभी गुण पुरुषों वाले थे। डॉक्टरों की माने तो महिला में जांच के दौरान जो क्रोमोजोम पाए गए वह एक्सवाई क्रोमोजोम थे। यह एक पुरुष के अंदर पाए जाते हैं। महिला का जब परीक्षण के बाद इलाज किया गया तो उसे सफल डिलिवरी हुई और दो जुडवां बच्चों की मां बनी।
डॉक्टरों की माने तो यह ऐसा ही है जैसा एक पुरुष किसी बच्चे को जन्म दे। गुड़गांव निवासी इस महिला का इलाज मेरठ के डॉ. मधु जिंदल मेमोरियल टेस्ट ट्यूट बेबी सेंटर में किया गया। इलाज करने वाले डॉ. अंशु जिंदल और डॉ. सुनील जिंदल ने बताया कि इलाज के लिए आई इस महिला की उम्र करीब 33 साल है। अभी तक इस महिला को कोई माहवारी नहीं हुई। शादी के बाद सात साल से बांझपन की शिकायत के बाद ये लोग इलाज के लिए यहां आए।
क्या कहते हैं डॉक्टर
डॉक्टरों के अनुसार, महिला वास्तव में पुरुष है। पुरूष के अंदर 46 (44+XY) एक्सवाई क्रोमोजोम पैटर्न पाया जाता है, जबकि महिला में (44+XX) एक्सएक्स क्रोमोजोम पैटर्न होता है। महिला के क्रोमोजोम की स्टडी की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। महिला के अंदर एक्सवाई क्रोमोजोम पाए गए।
कुछ कुदरती विकृति के कारण उसके शरीर में पुरुष लिंग विकसित नहीं हो पाया, लेकिन एक अविकसित गर्भाशय के साथ उसने जन्म लिया। कोई अंडाशय और स्त्री हार्मोन भी इस महिला में नहीं मिले। तब महिला का इलाज शुरू किया गया और उसके अविकसित गर्भ को विकसित किया गया।
इसके बाद हार्मोन्स और एंडोक्रोनियल द्वारा गर्भाशय को बच्चा जनने लायक बनाया गया। इसके बाद डोनर से अंडाणु लेकर और उसके पति के शुक्राणों से ह्यूमन टिश्यू कल्चर से 'इक्सी विधि' से भ्रूण तैयार किया गया और पहले से तैयार किए गए गर्भाशय में उसे प्रत्यारोपित किया गया।
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