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कहीं उत्तराखंड में तो नहीं जा छुपे बिजनौर से फरार आतंकी?

7 वर्ष पहले
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मेरठ. बिजनौर से फरार आतंकियों का एक सप्ताह बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस आतंकियों के उन ठिकानों तक तो पहुंच गई है जहां वह किराए पर रहते थे, लेकिन अभी तक एक भी आतंकी गिरफ्तार नहीं हो सका है। पुलिस और एटीएस की टीम फरार आतंकियों की गिरफ्तारी के लिए वेस्ट यूपी में अपना जाल बिछाए हुए है। मेरठ और मुजफ्फरनगर में संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है। दूसरी और संभावना जताई जा रही है कि ये आतंकी उत्तराखंड में कहीं पनाह लिए हुए हो सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो बिजनौर से फरार आतंकियों के लिए इस समय सबसे सुरक्षित स्थान उत्तराखंड हो सकता है। बम विस्फोट के बाद उनके लिए वेस्ट यूपी में कहीं छुपना सुरक्षित नहीं है। इसीलिए संभावना जताई जा रही है कि फरार आतंकी बिजनौर से नजीबाबाद होते हुए उत्तराखंड में प्रवेश कर गए। वहां वे कोटद्वार में भी छुपे हो सकते हैं। वहां से वे आराम से नेपाल भी जा सकते हैं।
उत्तराखंड के रुड़की शहर में पकड़ा गया था आईएसआई एजेंट
हरिद्वार कुंभ मेले से पहले साल 2010 में रुड़की से आबिद अली नाम का एक आईएसआई एजेंट पकड़ा गया था। वहां पकड़े गए आईएसआई एजेंट के पास भी सेना से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे। ऐसे में यह भी शक जताया जा रहा है कि बिजनौर से फरार आतंकी उत्तराखंड में छुपे आईएसआई एजेंटों के संपर्क में न पहुंच गए हो।
12 सितंबर से फरार हैं आतंकी
बिजनौर के मोहल्ला जाटान में बम बनाते हुए 12 सितंबर को विस्फोट हो गया था। इसमें एक संदिग्ध आतंकी के झुलसने की बात सामने आई थी। शुरू में इनकी संख्या चार बताई गई थी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज देखने पर उनकी संख्या छह सामने आई थी। हालांकि संभावना ये भी जताई गई कि यह संख्या और भी अधिक हो सकती है।
तभी से पुलिस और एसटीएस फरार आतंकियों की तलाश कर रही है। जांच में यह बात भी सामने आई थी कि संदिग्ध आतंकियों के कमरे से बरामद लैपटॉप मेरठ के पीएल शर्मा रोड स्थित गलैक्सी शोरूम से खरीदा गया है। एटीएस की टीम ने शोरूम से संदिग्ध आतंकियों की फुटेज लेकर उनकी तलाश तेज कर दी है।
तस्वीर में: बिजनौर में छापेमारी करती पुलिस।