मेरठ. सोने-चांदी के आभूषणों की गुणवत्ता की जांच करने पहुंची बीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडिया स्टैंडर्ड) की टीम शनिवार को मेरठ में सर्राफा कारोबारियों ने विरोध किया। विरोध के चलते टीम ने जो सैंपल लिए वह भी वापस कर लिए गए। सर्राफा कारोबारियों ने टीम का विरोध इसलिए किया क्योंकि जो टीम जांच के लिए पहुंची, उसे यही नहीं पता था कि आभूषण में हॉल मार्क कहां होता है?
आरोप है कि टीम के सदस्यों का व्यवहार भी ठीक नहीं था। विरोध के बाद सर्राफा एसोसिएशन ने टीम के सदस्यों के साथ बैठकर बात की। उन्हें कहा कि पहले वह वर्कशॉप आयोजित करें, इसके बाद जांच की जाए। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि जांच करने जो भी टीम आए, उसे स्वयं भी मानकों के बारे में पूरी जानकारी हो। आधी-अधूरी जानकारी रखने वाले सदस्य जांच के लिए नहीं आए।
शहर में दो टीम में शामिल थे आठ सदस्य
सोने-चांदी के आभूषणों में उनकी गुणवत्ता की जांच करने के लिए शहर में दो टीम आई थी। एक टीम में चार सदस्य थे। एक टीम की अगुवाई बीआईएस ऑफिस गाजियाबाद से आए अनुपम शर्मा कर रहे थे। वहीं, दूसरी टीम की अगुवाई एमएस गोयल कर रहे थे। सबसे पहले यह टीम आबूलेन बाजार स्थित भगत ज्वेलर्स के यहां पहुंची थी। टीम ने रघुनंदन ज्वैलर्स, जैना ज्वेलर्स और स्वर्ण गंगा ज्वेलर्स से सैंपल ले लिया था, लेकिन जब उनके व्यवहार और जांच के तरीके पर सवाल खड़ा हुआ। इसके बाद एसोसिएशन ने विरोध किया तो ये सैंपल वापस करा दिए गए।
मीटिंग में तय हुआ पहले होगी वर्कशॉप
सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री सर्वेश कुमार के मुताबिक, ब्यूरो की टीम के सदस्यों को यही नहीं पता था कि हॉल मॉर्क कहां होता है? यह बात उन्होंने स्वीकार भी की है। बाद में उनके साथ हुई बातचीत में तय हुआ है कि पहले ब्यूरो के अफसर सर्राफा कारोबारियों के साथ वर्कशॉप करेगा। उसके बाद जांच की कार्रवाई होगी। जांच करने जो भी टीम आएगी, वह पहले एसोसिएशन को सूचित करेगी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों को साथ लेकर जांच कराई जाएगी। जांच में सभी सर्राफा व्यवसायी टीम का सहयोग करेंगे।
फोटो: दुकानों पर जांच करने पहुंचे बीआईएस की टीम के सदस्य व शहर के ज्वेलर्स।