तस्वीर में: पुरकाजी में कोठी के विरोध में पुतला फूंकते रालोद कार्यकर्ता।
मेरठ/मुजफ्फरनगर. रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह की 12 तुगलक रोड दिल्ली में खाली कराई गई कोठी को जाट महासभा और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। रालोद भी उनकी इस लड़ाई में साथ खड़ी है। सभी ने मिलकर खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है। बुधवार को मेरठ पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुरादनगर से दिल्ली के पानी की आपूर्ति रोके जाने की बात कही। इस दौरान जाट महासभा के जनरल सैक्रेटरी युद्धवीर सिंह भी उनके साथ थे। दूसरी ओर मुजफ्फरनगर में कोठी खाली कराए जाने का विरोध करते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार ने चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत से वादा किया था। चौधरी चरण सिंह के नाम का स्मारक बनाया जाएगा। लेकिन अब केंद्र सरकार चौधरी साहब की कोठी खाली कराकर वादा खिलाफी कर रही है। राकेश टिकैत ने कहा कि कोठी से चौधरी चरण सिंह की यादें जुड़ी हैं। किसान चाहते हैं कि वहां स्मारक बनाया जाए।
इसीलिए भारतीय किसान यूनियन यह लड़ाई लड़ रही है। यदि केंद्र सरकार ने 12 तुगलक रोड वाली कोठी में चौधरी चरण सिंह का स्मारक नहीं बनाया तो दिल्ली की पानी आपूर्ति मुरादनगर से रोक दी जाएगी। टिकैत ने कहा कि कोठी की काटी गई बिजली और पानी को तुरंत चालू किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया तो दिल्ली का पानी बंद कर दिया जाएगा।
प्रतिष्ठा से जुड़ा है कोठी का मामला
राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार को यह कोठी वापस लौटाकर इसे चौधरी चरण सिंह का स्मारक बनाना ही होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह लम्बे समय तक इस कोठी में रहे उनके बाद उनके पुत्र चौधरी अजित सिंह भी इसी कोठी में रह रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्रियों के नाम पर अनेक स्मारक बनाए गए हैं। ऐसे में 12 तुगलक रोड स्थित इस कोठी को चौधरी चरण सिंह के स्मारक के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। यह अब किसान और जाट महासभा की प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।
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