मेरठ. बाल बंदियों द्वारा किए गए हमले में घायल सिपाही ओमप्रकाश ने शुक्रवार तड़के इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सुबह साढ़े पांच बजे उसकी मौत की पुष्टि पुलिस अफसरों द्वारा कर दी गई है। सिपाही ओमप्रकाश की मौत से घरवालों में कोहराम मच गया है। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए रात में ही घरवालों को अस्पताल बुला लिया गया था।
बताया जा रहा है ओमप्रकाश (50) के दो बेटे और एक बेटी हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, ओमप्रकाश की हालत बेहद नाजुक थी। उन्हें वेंटीलेटर पर रख कर इलाज किया जा रहा था। हालांकि, इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। सिपाही ओमप्रकाश मूल रूप से बुलंदशहर के सजलपुर गांव का रहने वाले थे।
देर रात किया गया मुकदमा दर्ज
बाल बंदियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर किए गए हमले और तोड़फोड़ के बाद घायल सिपाही मंतु सिंह की ओर से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 148, 392, 332, 333, 307, 336, 504, 504, 427 के अलावा लोकसंपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में धारा तीन लगाई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि सिपाही की मौत के बाद मुकदमे ही धाराएं हत्या में बदली जाएंगी।
प्रतीकात्मक तस्वीर।