मेरठ. एडिशनल डिस्ट्रिक जज एंटी करप्शन कोर्ट कमल चौधरी ने साल 2010 में हुई हत्या में ग्राम प्रधान समेत दस आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपियों को 20-20 हजार रुपए जुर्माना भी देना होगा। इस राशि से 25 प्रतिशत मृतक आश्रितों को और 10 प्रतिशत घायलों को दी जाएगी। बची राशि ट्रेजरी में जमा होगी।
बताते चलें कि 26 सितंबर 2010 को थाना मुंडाली में वादी राजवीर निवासी गांव बदला कैथवाड़ा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अनुसार वादी पक्ष ग्राम प्रधान के चुनाव का नामांकन करने के बाद
रणवीर सिंह के मकान में बैठे थे। तभी वहां हमलावर आए और ताबड़तोड़ गोली बरसानी शुरू कर दी। इसमें भानु प्रताप,
रणवीर सिंह, मनवीर सिंह, दिनेश, धीरसिंह, मनोज, रामफल और शांति देवी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हमले में वादी की ओर से दूसरे पक्ष के 11 लोगों को नामजद करते हुए आईपीसी की धारा 307 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
20 गवाहों को सुनने के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
हमले में घायल
रणवीर सिंह और रामफल की उपचार के दौरान मौत हो जाने पर जानलेवा हमले का मुकदमा आईपीसी की धारा 302 में बदल गया था। वादी पक्ष की ओर से इस घटना में 20 गवाह पेश किए गए। गवाहों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपियों को हत्या का दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। वादी के वकील ओंकार सिंह भाटी ने बताया कि इस मुकदमे में नामजद एक आरोपी राकेश की मृत्यु को चुकी है।
इन्हें सुनाई गई है उम्र कैद की सजा
डबल मर्डर के मामले में कोर्ट ने सतीश, सुनील, जसबीर, छत्रपाल, सतीश कुमार, ओमवीर, शेरसिंह, पप्पू, सौरभ, मुकेश को उम्र कैद की सजा सुनायी है। सुनील इस समय वर्तमान में ग्राम प्रधान भी है।
कड़ी सुरक्षा रही कोर्ट के बाहर
कोर्ट जिस समय इस मुकदमे का फैसला सुना रही थी उस वक्त कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में भीड़ मौजूद थी। दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश चल रही है। ऐसे में पुलिस को डर था कि दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के ऊपर हमला न कर दिया जाए। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट के बाहर कड़ी सुरक्षा रखी। सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में लाया गया और वहां से जेल भेज दिया गया।
तस्वीर में: कोर्ट के बाहर सजा पाए आरोपी।