मेरठ. लखनऊ में मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे विद्युत कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को विद्युत कर्मचारियों ने काला दिवस मनाया। कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले ऊर्जा भवन में एकत्र हुए और वहां धरना देकर एमडी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा।
कर्मचारियों ने राज्य सरकार से दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। धरना प्रर्दशन के दौरान चेतावनी दी गई कि यदि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ प्रदेश सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो पूरे प्रदेश के सभी विद्युत कर्मचारी 24 और 25 फरवरी को 48 घंटे के कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
ऊर्जा भवन पर धरना प्रदर्शन कर रहे विद्युत कर्मचारियों ने कहा कि लखनऊ में दस फरवरी को संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले हजारों विद्युत कर्मचारी लखनऊ में शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान वहां की पुलिस ने विद्युत कर्मचारियों पर बिना वजह लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान दर्जनों कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। वक्ताओं ने कहा कि विद्युत कर्मचारियों पर किया गया लाठीचार्ज लोकतंत्र को दबाना है। राज्य सरकार लोकतंत्र को दबाकर विद्युत कर्मचारियों को उनके हक नहीं देना चाहती है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी राज्य में विद्युत परिषद का पुर्नगठन, वेतन विसंगति को दूर करना, पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करना आदि मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे।
कर्मचारियों के लिए नहीं है कोई योजना
धरना दे रहे कर्मचारियों ने कहा कि ऐसे सैकड़ों कर्मचारी हैं जो विद्युत कार्य करते समय बिजली का करंट आदि लगने से अपाहिज हो चुके हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ऐसे कर्मचारियों के भविष्य के लिए कोई योजना नहीं बना रही है। काला दिवस मना रहे कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और प्रबंधक निदेशक को ज्ञापन देकर अपनी मांगों का निस्तारण करने की मांग की। धरना प्रदर्शन करने वालों में विद्युत मोर्चा संगठन के मोहनी कुमार, बिजली कर्मचारी संघ के सुरेन्द्र सिंह, प्रवीण वशिष्ठ, महावीर सिंह, रामशरण शर्मा, दीपक कश्यप, सुरेन्द्र सिंह, बाल स्वरूप शर्मा, आकाश दीप, अशोक त्यागी, अनवर अली, अनिल पूनिया, नरेश कुमार आदि शामिल रहे।
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