मेरठ/मुजफ्फरनगर. जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए पहुंची युवती को परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पुलिस से छीनने का प्रयास किया। इसके बाद परिजनों ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों और पुलिस के जवानों पर पथराव कर दिया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने बहुत ही मुश्किल से युवती को निकाल कर कोर्ट तक पहुंचाया।
दरअसल, एक महीने पहले थाना छपार क्षेत्र के गांव छपार से नजमा नाम की युवती पास के गांव बिजोपुर निवासी होमगार्ड ईश्वर के साथ फरार हो गई थी। नजमा मूल रूप से मुजफ्फरनगर के थाना चरथावल की रहने वाली है और कुछ साल पहले उसकी शादी छपार के एक युवक से हुई थी। शादी के चंद महीने बाद नजमा का सोहर काम के सिलसिले से सऊदी चला गया। वहीं, ईश्वर की ड्यूटी भी छपार में चल रही थी। कुछ महीने पहले ईश्वर की नजमा से मुलाकात हुई और ये मुलाकात मोहब्बत में बदल गई। धर्म और समाज की परवाह किए बगैर एक दिन नजमा और ईश्वर घर से फरार हो गए।
दर्ज हुआ था अपहरण का मुकदमा
थाना छपार में ईश्वर के खिलाफ नजमा के अपहरण का मुकदमा भी दर्ज किया गया था। दोनों की बरामदगी को लेकर मुस्लिम समाज ने कई बार थाने पर परिजन और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था। पुलिस लगातार दोनों को तलाश करने में जुटी थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में लगाई थी गुहार
बताया जा रहा है कि ये प्रेमी जोड़ा इलाहाबाद हाईकोर्ट से अपनी सुरक्षा के आदेश लेकर मुजफ्फरनगर पुलिस पहुंची। पुलिस प्रेमिका के 164 के बयान और मेडिकल जांच के लिए पुलिस युवती को अपनी सुरक्षा में लेकर पहले मेडिकल के लिए जिला अस्पताल पहुंची। जहां पहले से ही प्रेमिका के परिजन और सेकड़ों ग्रामीण मौजूद थे। मेडिकल करवाने के बाद जैसे ही पुलिस युवती को कोर्ट ले जाने लगी तो उन्होंने इसका विरोध करते हुए युवती को छीनने का प्रयास किया।
कोर्ट ने दी इजाजत
इस दौरान वहां कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों और पुलिस पर उग्र ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। बड़ी मुश्किल से पुलिस युवती को वहां से निकाल कर कोर्ट तक पहुंचाया गया। कोर्ट में युवती ने अपनी मर्जी से लड़के के साथ जाने की इजाजत मांगी, जो उसे मिल गई।
फोटो: युवती को कोर्ट ले जाती पुलिस।