मेरठ. सोतीगंज में चोरी के वाहनों को ठिकाने लगाने का बड़ा कारोबार करने वाले हिस्ट्रीशीटर हाजी नईम उर्फ गल्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया। हाजी गल्ला की गिरफ्तारी पुलिस ने मंगलवार की देर रात की थी। एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने कहा कि उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी भी जल्द ही कर ली जाएगी।
कैंट एएसपी अभिषेक सिंह ने 24 जनवरी को पुलिस फोर्स को साथ लेकर कबाड़ी हाजी गल्ला के गोदाम पर छापा मारा था। इस दौरान हरियाणा पुलिस यहां भी चोरी के वाहन की तलाश में आई थी। छापेमारी के दौरान हाजी गल्ला के गोदाम से 100 से अधिक लग्जरी गाड़ियों की चेसिस और बॉडी बरामद की थी। इनमें से पांच गाड़ियों की पुलिस ने पहचान कर ली थी। ये गाड़ियां दिल्ली से चुराई गई थीं। गोदाम से चोरी की गाड़ी मिलने के बाद पुलिस ने हाजी गल्ला के अलावा उसके चार बेटों, भांजे सुहैब के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने सुहैब को पहले गिरफ्तार कर लिया था। हाजी गल्ला की गिरफ्तारी मंगलवार देर रात की गई।
कई राज्यों के चोरी हुए वाहनों को लगाते हैं ठिकाने
एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए हाजी गल्ला के गोदाम में यूपी और एनसीआर के अलावा हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और उत्तराखंड में चोरी हुए लग्जरी वाहनों को ठिकाने लगाने का काम किया जाता था। चोरी के वाहनों को गोदाम में लाकर उनके पार्टस अलग कर बेचे जाते थे। इसके अलावा इंशोरेंस कंपनी से फर्जी क्लेम लेने के लिए कुछ वाहन स्वामियों के साथ मिलकर पहले वाहन को काटकर उसके पुर्जे बेचने का काम ये लोग करते हैं और उसके बाद किसी और स्थान पर जाकर वाहन चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराकर इंशोरेंस कंपनी से क्लेम भी लेते थे।
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