मेरठ. हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर वेस्ट यूपी में वकीलों ने अपनी हड़ताल 20 दिसंबर तक घोषित कर दी है। मंगलवार को मेरठ कचहरी में उस वक्त हंगामा हो गया, जब वकीलों का पता चला कि कुछ वकील कोर्ट में जमानत आदि का कार्य करा रहे हैं। इसका पता चलने पर वकीलों ने उन वकीलों का विरोध किया।
इसको लेकर कचहरी में काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट कर मामले को शांत किया। मंगलवार को 11 वकील क्रमिक अनशन पर बैठे। बुधवार से क्रमिक अनशन कचहरी के मुख्य द्वार पर शुरू किया गया जाएगा। दिन में वकीलों ने धरना प्रदर्शन कर वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग की।
उस वक्त हंगामा हुआ जब एक वरिष्ठ अधिवक्ता जेल में बंद एक आरोपी की जमानत कराने के लिए पहुंच गए। इसका पता चलने पर दूसरे वकील कोर्ट के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। अभी यह मामला चल ही रहा था कि एक ओर वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा कोर्ट में जमानत कराने की सूचना मिली।
इससे वकीलों का गुस्सा और अधिक भड़क गया। हंगामा कर रहे वकीलों ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों पर सवाल खड़े किए। बाद में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आमसभा बुलाकर स्थिति स्पष्ट की। संघर्ष समिति के संयोजक अनिल जंगाला ने बताया कि बड़ौत से आए जैन समाज ने जेल में बंद एक बंदी की जमानत कराने की अनुमति मांगी थी। वह बेहद गंभीर रूप से बीमार है।
जेल के डॉक्टरों ने भी उसका इलाज कहीं बाहर कराने की सलाह घरवालों को दी थी। इसी आधार पर उन्हें अनुमति दी गई थी। दूसरे प्रकरण में भी इसी तरह का मामला था। स्थिति स्पष्ट होने पर वकील शांत हुए। मीटिंग में तय किया गया कि जब तक हड़ताल चल रही है तब तक किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी।
फोटो: मेरठ कचहरी में हंगामा करते वकील।