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इस मंदिर में मंदोदरी करती थीं शिव पूजा, यहीं पर रावण से हुई थी मुलाकात

6 वर्ष पहले
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मेरठ. सदर स्थित श्री बिल्वेश्वरनाथ शिव मंदिर पूरे भारत में प्रसिद्ध है। यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का विशेष केंद्र है। मान्यता है कि यहां मंदोदरी भगवान शिव की पूजा करती थीं। उनकी पूजा से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन देकर वरदान मांगने के लिए कहा था। बाबा की कृपा से इसी मंदिर में रावण से मंदोदरी की पहली मुलाकात हुई थी, जिसके बाद दोनों की शादी हुई।
दानव राज की राजधानी थी मय
मेरठ का प्राचीन नाम मयदंत का खेड़ा था। यह उस वक्त मय दानव राज्य की राजधानी थी। लगभग 1980 ईसा पूर्व में मय दावन को एक बेटी हुई, जिसका नाम उन्होंने मंदोदरी रखा।

मंदोदरी रोज सखियों के साथ आती थी पूजा करने
मंदिर के पुजारी आचार्य पंडित हरीश चंद्र जोशी बताते हैं कि त्रेता युग में दशानन रावण की पत्नी मंदोदरी अपनी सखियों के साथ यहां आती थीं। वह भगवान शिव की विधिवत पूजा अर्चना किया करती थीं। ऐसी मान्यता है कि उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान भोलेनाथ ने इसी मंदिर में उन्हें दर्शन देकर वरदान मांगने के लिए कहा था। भोलेनाथ की कृपा से यहीं पर रावण से उनका मिलन हुआ। उन्होंने कहा कि यहां सच्चे मन से जो भी पूजा करता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।

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