तस्वीर में: गढ़ रोड पर जागृति विहार में स्थित मां मंशा देवी का मंदिर।
मेरठ. जहां कभी श्मशान घाट था वहां आज मंशा देवी का मंदिर है। देशभर से श्रद्धालू यहां दर्शन के लिए आते हैं। हर सप्ताह रविवार को यहां विशेष प्रसाद चढ़ाया जाता है। हर साल नवरात्र में यहां भव्य मेला लगता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालू मंदिर में आकर मन्नतें मांगते हैं। जिन श्रद्धालुओं की मन्नतें पूरी हो जाती हैं वह मंदिर में भंडारा कराते हैं।
गढ़ रोड पर जागृति विहार स्थित मंशा देवी के मंदिर में देशभर से श्रद्धालु आते हैं। मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां मां मंशा देवी की सिद्ध मूर्ति है और देवी से मांगी गई मन्नत जरूर पूरी होती है। मां का यह मंदिर वहां बना है जहां दिन में भी लोग जाने से कतराते थे। इसका कारण यहां का श्मशान घाट था। लोगों का मानना था कि श्मशान में भूत-प्रेत वास करते हैं, लेकिन अब यहां सुबह-शाम देवी की पूजा की जाती है।
कभी था आठ गांव का श्मशान
मंशा देवी मंदिर के पुजारी रमेश गिरि ने बताया कि मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। पहले यहां आसपास के आठ गांव का श्मशान होता था। मुख्य रूप से यह जमीन औरंगाबाद डिग्गी गांव की थी। उनके दादा स्वर्गीय बाबा रामगिरि ने इस मंदिर की देखरेख शुरू की थी। उनके बाद पिता चनवा गिरि ने मंदिर की देखरेख का काम किया। अब वह खुद मंदिर की देखरेख करते हैं। रमेश गिरि के अनुसार, यह सिद्ध पीठ है। यहां मांगी गई मन्नत जरूर पूरी होती है।
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