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प्‍यार की खातिर जात-पात की दीवार तोड़ शादी करने वाले 14 जोड़े हुए सम्‍मानित

6 वर्ष पहले
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मेरठ. अपने प्रेम की खातिर इन्होंने समाज से लड़ने की ठान ली। मां बाप, रिश्तेदार सबने विरोध किया, लेकिन अपने प्यार को पाने के लिए हार नहीं माने। तय कर लिया शादी के बंधन में बंधकर जन्म-जन्म का साथ निभाएंगे। भारी विरोध के बावजूद शादी कर न केवल समाज के ठेकेदारों को आइना दिखाया, बल्कि मिसाल भी पेश की। सरकार ने मेरठ मंडल के ऐसे 14 जोड़ों को सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया। सरकार की ओर से मंत्री शाहिद मंजूर ने आयुक्त सभागार में अंतरजातीय या अंतरधार्मिकता विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत अंतर जातीय विवाह करने वाले युवक-युवतियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

गाजियाबाद निवासी कंहैयालाल एससी बिरादरी से है और उसने लोधी राजपूत मोनिका से शादी की। दोनों का साथ पढ़ते-पढ़ते प्रेम परवान चढ़ा। बिरादरी अलग होने से दोनों के परिवार के लोग शादी के लिए राजी नहीं हुए। तब दोनों ने सभी विरोध दरकिनार कर 6 जून 2009 को कोर्ट में जाकर शादी कर ली। शादी के बाद जब उन्हें लगा कि अब भी दोनों के परिवार उन्हें साथ नहीं रहने देंगे तब उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली।
कंहैयालाल के अनुसार, दोनों के परिवार वाले आज भी उनसे नाराज हैं। इसी तरह मोदीनगर निवासी विपिन रोहेला राजपूत है और उसने मोदीनगर की जाटव बिरादरी की अंशुरानी से शादी की। शुरू में परिवार के लोगों ने विरोध किया, लेकिन बाद में उनकी जिद के आगे झुके और दोनों की दिसंबर 2013 में अरेंज मैरिज कराई। आज दोनों खुश है और परिवार के साथ मिलजुल कर रह रहे हैं।

भतीजे और भांजे के स्कूल में हुई आंखें चार

जातपात और भेदभाव भुलाकर शादी करने वाले मोदीनगर के जयदेव सिंह और पूजा की कहानी अलग ही है। जयदेव एससी है और पूजा पंडित बिरादरी से है। इन दोनों की आंखें एक स्कूल के बाहर चार हुईं। दरअसल, जयदेव अपने भतीजे को छोड़ने स्कूल आता था, जबकि पूजा अपने भांजे को। दोनों की वहीं पर दोस्ती हुई जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। साल 2012 में दोनों ने शादी की। शुरू में परिवार के लोगों ने विरोध किया, लेकिन अब सब सामान्य है। शादी के बाद पूजा ने एक बेटे को जन्म दिया, जो करीब सवा साल का है।

सात साल तक चले अफेयर के बाद की शादी

ब्रहमपुरी निवासी पप्पू सैनी और आशा रानी भी अलग-अलग बिरादरी से हैं। पप्पू ने बताया कि शुरू में दोनों के परिवार के लोग उनकी शादी के लिए राजी नहीं हुए। उन्होंने भी ठान लिया था कि शादी करेंगे तो घरवालों की सहमति से ही। घर वालों को राजी करने में दोनों को सात साल लगे। सात साल तक दोनों के बीच अफेयर चलता रहा। साल 2009 में उन्होंने शादी की, आज उनका चार साल का एक बच्चा है। अब दोनों एक दूसरे के परिवार में घुलमिल गए हैं।

आगे पढ़िए अन्‍य जोड़ों की कहानी...