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इंडि‍या में प्रेग्‍नेंट हुई पाकिस्‍तानी महिला, लाहौर में होगी डिलिवरी

6 वर्ष पहले
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मेरठ. लाहौर के एक दंपत्ति ने शादी के आठ साल बाद भी कोई संतान न होने पर मेरठ में आकर इलाज कराया। इलाज से उन्हें सफलता मिली और महिला ने यहां के एक टेस्ट ट्यूब सेंटर में इलाज के बाद सफल गर्भधारण कर लिया। बच्चे का जन्म लाहौर में होगा। डॉक्टरों का कहना है कि दोनों देशों के बीच पासपोर्ट और वीजा कानून के तहत महिला की डिलीवरी यहां संभव नहीं है।

भारतीय नागरिकता कानून के मुताबिक, यदि विदेशी मुल्‍क के किसी दंपत्‍त‍ि का बच्‍चा भारत में जन्‍म लेता है तो वह भारत का नागरिक माना जाएगा। ऐसे में यदि शमशाद अली की पत्‍नी गुलशन को यहां डिलीवरी होती है तो उनका बच्‍चा भारतीय नागरिक कहलाएगा। साथ ही शमशाद और उनकी पत्‍नी भारत में दो वीजा के जरिए आए थे। अब यदि बच्‍चा होने के बाद वे वापस अपने मुल्‍क जाते हैं तो वीजा और अन्‍य कागजाती अड़चने सामने आएंगी। इन सभी बातों को देखते हुए लाहौर के इस दंपत्‍त‍ि को वापस अपने मुल्‍क लौटना पड़ेगा। मेरठ में डॉ. सिंह टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर के डॉक्टर अनिरूद्ध और डॉ. शशि सिंह ने बताया कि आगे के इलाज के लिए दोनों पति पत्नी उनके संपर्क में रहेंगे। वहां से ईमेल आदि के माध्यम से उन्हें समय समय पर उपचार की जानकारी दी जाती रहेगी।

पाकिस्तान के लाहौर में रहने वाले राणा शमशाद अली (37) वहां एक व्यापारी हैं। उनकी पत्नी गुलशन बीबी को शादी के आठ साल बाद भी कोई संतान नहीं हुई। संतान की चाह में उन्होंने लाहौर में कई डॉक्टरों से अपना इलाज कराया, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। कुछ दिन पहले राणा शमशाद अली के मेरठ में रहने वाले ममेरे भाई ने उन्हें यहां आकर इलाज की सलाह दी। तब दोनों ने इलाज के लिए मेरठ अपने ममेरे भाई के पास आने का फैसला किया। डॉक्टर अनिरूद्ध के अनुसार, ये दोनों दंपत्ति दिसंबर में उनसे मिले थे। जनवरी में उन्हें टेस्ट ट्यूब विधि द्वारा गर्भधारण का प्रयास किया गया, जो पहले ही प्रयास में सफल रहा।

11 फरवरी तक है दोनों का वीजा

राणा दंपत्ति ने बताया कि वह पाकिस्तान से 11 दिसंबर का इंडिया पहुंचे थे। यहां आने के बाद वह 22 दिसंबर को डॉक्टर से मिले। उनके वीजा की अवधि 11 फरवरी तक है, इसीलिए वह अब वापस पाकिस्तान जा रहे हैं। राणा और उनकी पत्नी गुलशन बीबी का कहना है कि वह जो खुशी यहां से लेकर जा रहे हैं उसे बयां नहीं कर सकते।

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