पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Power Corporation Employees Protest Privatization Power Distribution Meerut

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी रहे हड़ताल पर, कार्यालयों में लटके ताले

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
तस्वीर में: ऊर्जा भवन के मुख्य द्वार पर ताला लगाते कर्मचारी।
मेरठ. गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ की बिजली व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने की तैयारी के विरोध में सोमवार को पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारी सामूहिक रूप से हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते सभी कार्यालयों में ताले लटके रहे। अधिकारियों को भी ऑफिस में बैठने नहीं दिया गया। कर्मचारियों ने कहा कि बिजली का निजीकरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में सोमवार को ऊर्जा भवन पर धरना प्रदर्शन कर विरोध दिवस मनाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उन लोगों के साथ वादा खिलाफी कर रही है। सरकार ने वादा किया था कि ग्रेटर नोएडा और आगरा की समीक्षा के बाद ही मेरठ, गाजियाबाद और वाराणसी शहर की बिजली व्यवस्था निजी हाथों में देने के बारे में निर्णय लिया जाएगा। लेकिन सरकार अब ऐसा नहीं कर रही है। समीक्षा किए बिना ही तीनों शहरों की बिजली व्यवस्था निजी हाथों में देने की तैयारी कर ली गई है।
अपनी कमी का ठिकरा फोड़ रही कर्मचारियों पर
सभा में अभियंता संघ के उपाध्यक्ष सीपी सिंह ने कहा कि यूपी सरकार अपनी कमी का ठिकारा कर्मचारियों के सिर फोड़ रही है। सूबे में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए कोई काम नहीं किया जा रहा है। पूर्व में जो यूनिट काम कर रही हैं वह 40 लाख उपभोक्ताओं के हिसाब से बनी है। जबकि वर्तमान में उपभोक्ताओं की संख्या करीब डेढ़ करोड़ पहुंच गई है। बिजली उत्पादन यूनिटों के सही मेंटीनेंस पर भी सरकार ध्यान नहीं दे रही हैं। समय से कोयला न मिलने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इन सबके बावजूद उपभोक्ताओं के सामने कर्मचारियों की कमियां बता दी जाती हैं।
आगे पढ़िए महंगी बिजली खरीदने से हो रहा है घाटा ....