फोटो: रावण का पुतला बनाता कारीगर।
मेरठ. लंकापति रावण की पत्नी मंदोदरी मेरठ की रहने वाली थीं। यहां रावण का ससुराल है। जैसे-जैसे दशहरा नजदीक आ रहा है। मेरठ में जगह-जगह रामलीला की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आगामी 22 सितंबर से यहां रामलीला का मंचन शुरू हो जाएगा। इस बार लोगों को रामलीला के दौरान रावण का रंग महल भी देखने को मिलेगा। कारीगर इसे अंतिम रूप देने में जुटे हैं। कमिटी की ओर से इस बार रामलीला को भव्य रूप देने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
बताते चलें कि शहर में भैंसाली मैदान, जीम खाना मैदान और रामलीला मैदान में होने वाली रामलीलाओं की तैयारी युद्ध स्तर पर जारी है। शहर के अलावा देहात में भी रामलीला की तैयारी शुरू कर दी गई है। बढ़े कस्बों और गांवों में रामलीला कमिटी के लोग जोर-शोर से इसमें लगे हुए हैं। साथ ही पुलिस-प्रशासन भी आयोजन को लेकर चौकन्ना हो गया है। रामलीला मंचन के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएंगे।
तैयार हो रहे रावण और कुंभकरण के पुतले
भैंसाली मैदान में होने वाली रामलीला के लिए पुतलों को तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। रावण के अलावा कारीगर कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बना रहे हैं। इस बार रावण का पुतला 65 फीट का बनाया जा रहा है। वहीं, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले 60-60 फीट के होंगे। ताड़का का पुतला 50 फीट का बनाया जाएगा।
रावण का रंग महल हो रहा तैयार
इस बार रामलीला कमिटी रावण का रंग महल भी तैयार करा रही है। अभी तक यह थर्माकोल आदि से बनाया जाता था, लेकिन इस बार इसे लकड़ी का बनवाया जा रहा है। इसे भव्य रूप दिया जा रहा है। रंग महल में इफेक्ट डालने के लिए रंगीन रोशनी का इस्तेमाल किया जाएगा। कारीगरों का कहना है कि जब यह बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तो यह मॉडल ऐसा लगेगा जैसा यही रावण का असली रंग महल है। छावनी रामलीला कमिटी के अध्यक्ष सुधीर रस्तोगी ने बताया कि इस बार रामलीला को अधिक से अधिक भव्य बनाने की कोशिश की जा रही है।
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