मेरठ. भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबे समय से संघर्ष कर रही एक निजी संस्था ने अब तय किया है कि वह सरकारी विभागों के भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की रेट लिस्ट के पोस्टर पूरे शहर में चिपकाएगी। यही नहीं यह संस्था जनप्रतिनिधियों को उनके क्षेत्र में चल रहे अवैध कार्यों की सूची सौंपकर उन्हें बंद कराने की मांग करेगी। शनिवार को वेस्टर्न कचहरी रोड स्थित अपने आवास पर प्रेसवार्ता के दौरान संस्था के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में सरकार बदली, लेकिन हालात नहीं बदले हैं।
जनपद में अवैध पशु कटान, अवैध कमेले, कारों में पशु चोरी करके ले जाने का काम बेखौफ चल रहा है। भूमाफिया सरकारी जमीनों पर कब्जे कर रहे हैं, वाहन चोर वाहनों को ठिकाने लगा रहे हैं। शिक्षा विभाग, एआरटीओ विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग आदि में भी भ्रष्टाचार अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है। आम जनता शिकायत करती है तो उसकी शिकायत रद्दी की टोकरी में डाल दी जाती है। लेकिन अब इस भ्रष्टाचार के खिलाफ सच संस्था आवाज उठाएगी।
सरकारी दफ्तरों के बाहर चस्पा होगी सूची
सच संस्था का कहना है कि सरकारी विभाग में काम के हिसाब से रिश्वत के रेट तय हैं। इसीलिए तय किया गया है कि रिश्वत की रेट लिस्ट कार्यालयों के बाहर चस्पा कर विरोध जताया जाए। संदीप पहल ने कहा कि हर विभाग के ईमानदार कर्मचारी भ्रष्टाचार के सुबूत सच संस्था तक पहुंचाए तो उनकी लड़ाई लड़ी जाएगी। इस कार्य में सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों को दी जाएगी जानकारी
संदीप पहल ने बताया कि जहां भी अवैध काम हो रहे हैं, वहां की सूची बनाकर मेयर, सांसद, विधायक और क्षेत्रीय पार्षद को दी जाएगी। सूची देकर उनसे मांग की जाएगी कि वह अवैध कार्यों को बंद कराने के लिए आगे आएं और अधिकारियों पर अपना दबाव बनाए। क्षेत्र में चल रहे अवैध काम बंद नहीं होने पर जनता जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगेगी।
फोटो: प्रेस कांफ्रेंस में बोलते संस्था के लोग।