मेरठ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत ने कहा कि दुनिया भारत के विश्व गुरू बनने का इंतजार कर रही है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब हिंदू संगठित होगा। यह काम हमें ही करना होगा। हम सभी हिंदू है और अच्छा व सच्चा हिंदू बनकर संगठित होना पड़ेगा। इसके बाद भूले-भटके लोगों को भी ध्यान आएगा और वह वापस होंगे। उन्होंने कहा कि जाति-पाति के भेदभाव को मिटाकर समाज में वातावरण बनाने की जरूरत है, तब भारत का भाग्य बदलते देर नहीं लगेगी।
दरअसल, मोहन भागवत रविवार को शताब्दी नगर में आरएसएस मेरठ विभाग के स्वयंसेवक समागम को संबोधित कर रहे थे। इसमें मेरठ विभाग के दस हजार से अधिक स्वयंसेवक शामिल हुए। स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए मोहनराव भागवत ने कहा कि लंबे विरोध के बाद संघ के लिए देश में अनुकूल माहौल बना है। समाज स्वयंसेवकों से बहुत अपेक्षा कर रहा है, लेकिन हमें वाहवाही में नहीं रमना है, बल्कि जतन और परिश्रम से और अधिक आगे बढ़ना है।
समागम कार्यक्रम को लेकर मोहन भागवत ने कहा कि संघ को नहीं जानने वाले लोग इसे शक्ति प्रदर्शन कहते हैं, जबकि यह संघ का शक्ति दर्शन है। इसके माध्यम से हम अपने आपका आंकलन करते हैं। जब देश विश्व गुरू बनकर खड़ा होगा तो दुनिया में परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के जागने से ही विश्व जगेगा। पूर्व में देश को गद्दार लोगों ने ही चांदी की थाली में परोसकर विदेशी आक्रांताओं को दिया। तब हम अपने भेदों के कारण ही हारे, लेकिन अब समाज से भेदों का पूर्ण निर्मूलन होना चाहिए।
आगे पढ़िए मोहन भागवत ने कहा- समाज के काम करने से होता है परिवर्तन...