तस्वीर में: मेरठ के पीएसी मैदान पर प्रैक्टिस करती सीमा पूनिया।
मेरठ. मेरठ की बहू सीमा पूनिया ने इंचियोन में चल रहे
एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। इन्होंने सोमवार को डिस्कश थ्रो में स्वर्ण पदक हासिल किया। पदक जीतने के बाद महिला खिलाड़ी के ससुराल टांडा में जश्न का माहौल है। गांव के लोग उनके सास-ससुर को बधाई देने घर पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महिला खिलाड़ी को 50 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की है।
dainikbhaskar.com की टीम ने इंचियोन में पदक जीतने के बाद सीमा और उनके पति अंकुश पूनिया से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह पल उसके जीवन का सबसे बड़ा और अहम पल है। वह इस जीत को शब्दों में बयां नहीं कर सकती है। उन्होंने इसके लिए देश की जनता का सहयोग और मेरठ की जनता का प्यार बताया। उनके पति अंकुश कहा कि यह एक कड़ी स्पर्धा थी। एथलीट में बहुत कम खिलाड़ी ही सोना पाने में सफल होते हैं। वे इस समय सीमा के कोच भी हैं।
ओलंपिक में गोल्ड मेडल पाने का लक्ष्य
इंचियोन में स्वर्ण पदक पाने के बाद अब सीमा पूनिया का लक्ष्य साल 2016 में होने वाले ओलंपिक खेलों में गोल्ड मेडल पाने की है। उसका कहना है कि इसके लिए वह अभी से ही कड़ी मेहनत करेगी। कोच अंकुश ने कहा कि एशियाई खेलों में हिस्सा लेने के लिए यह पिछले दो सालों से प्रैक्टिस कर रही थी। ये मूल रूप से हरियाणा के
सोनीपत के गांव खेवड़ा की रहने वाली है। दोनों की शादी साल 2011 में सकौती टांडा गांव से हुई है।
गांव में बधाई देने वालों का लगा तांता
गोल्ड मेडल हासिल करने पर टांडा गांव में खुशी का माहौल है। गांव में सीमा के ससुर तेजपाल, सास राजकुमारी के अलावा जेठ अनुज और जेठानी आस्था पूनिया को बधाई देने वालों का तांता लगा है। परिवार के लोग मुंह मीठा करके खुशी का इजहार कर रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण खुशी में पटाखे छोड़कर अभी से दीपावली मना रहे हैं।
आगे पढ़िए जीत के लिए परिवार कर रहा था कामना...