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7Yr की उम्र से राइफल चला रहा है ये लड़का, एक बार में जीते 4 गोल्ड मेडल

बैडमिंटन कोच ने किया था रिजेक्ट, खिलाड़ी बनने के जुनून से बनाई शूटिंग में पहचान।

Dainik Bhaskar

Nov 27, 2017, 11:55 AM IST
14 साल के शार्दूल विहान ने शूटिंग चैम्पियनशिप के सीनियर और जूनियर वर्ग में 4 गोल्ड मेडल जीते हैं। 14 साल के शार्दूल विहान ने शूटिंग चैम्पियनशिप के सीनियर और जूनियर वर्ग में 4 गोल्ड मेडल जीते हैं।

मेरठ. 14 साल के शार्दूल विहान नेशनल शूटिंग में एक ही दिन में चार गोल्ड जीतकर भारतीय शूटिंग में छा गए हैं। शार्दूल की जीत के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने वर्ल्ड नंबर वन अंकुर मित्तल और कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडलिस्ट मोहम्मद असब को हराकर ये मेडल जीते।

शार्दूल 9वीं के छात्र हैं और डबल ट्रैप शूटिंग करते हैं। कम उम्र के कारण उनके पास सीनियर और जूनियर दोनों इवेंट में हिस्सा लेने का मौका था। मुश्किल यह थी कि ये दोनों इवेंट एक ही दिन थे। पर शार्दूल ने व्यस्त शेड्यूल को नजरअंदाज करते हुए दोनों वर्गों में हिस्सा लिया। शाम तक वे दोनों ही वर्गों के चैंपियन बन चुके थे। खास बात यह रही कि सिर्फ इंडिविजुअल इवेंट ही नहीं, टीम इवेंट के गोल्ड भी उनके ही नाम रहे। वे चैंपियनशिप में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी रहे।

शार्दूल ने 7 साल की उम्र में पहली बार राइफल उठाई थी। DainikBhaskar.com ने शार्दूल और उनके पिता दीपक विहान से बात की। दीपक ने अपने बेटे की पूरी सक्सेस स्टोरी शेयर की।

इसलिए 7 साल की उम्र में शार्दूल ने उठाई थी राइफल

- शूटर शार्दूल के पिता दीपक विहान बताते हैं, "शार्दूल को क्रिकेट खेलना अच्छा लगता था। उसके शौक को देखते हुए जब वो 6 साल का था, तब मैंने उसे विक्टोरिया पार्क में किक्रेट सीखने के लिए भेजना शुरू किया। एक साल की प्रैक्टिस के बाद एक शार्दूल बोला कि पापा मुझे सबसे पीछे फील्डिंग के लिए खड़ा करते हैं। बैटिंग-बॉलिंग में भी मेरा नंबर लास्ट रखा जाता है। उसकी यह बात सुनकर मैंने उसे क्रिकेट से हटाकर बैडमिंटन कोच के पास भेजना शुरू कर दिया।"
- "हमारा घर स्टेडियम से थोड़ा दूर गांव में है। एक दिन शार्दूल बैडमिंटन प्रैक्टिस के लिए लेट हो गया तो उसके कोच ने उसे घर भेज दिया। अगले दिन मैं जाकर कोच से मिला तो उन्होंने सजेस्ट किया कि इसके लिए बैडमिंटन सही नहीं है, किसी और स्पोर्ट में भेजिए।"
- शार्दूल 7 साल के थे जब उनके पिता उन्हें राइफल एसोसिएशन के कोच वेदपाल सिंह से मिलवाने ले गए। दीपक बताते हैं, "इसकी उम्र देखकर वे बोले- अभी बहुत छोटा है, थोड़ा इंतजार करना सही रहेगा। शार्दूल वेट की वजह से उम्र से थोड़ा ज्यादा लगता था। वेदपाल जी ने उसे राइफल उठाकर निशाना लगाने के लिए कहा। इसने बड़े आराम से राइफल उठाई और टारगेट की ओर तान दी। यह देखकर कोच भी सिखाने के लिए राजी हो गए।"

सुबह 4 बजे उठकर करते हैं प्रैक्टिस

- शार्दूल मेरठ में रहते हैं। सुबह चार बजे उठकर प्रैक्टिस के लिए दिल्ली जाते हैं। रोज करीब 150 किलोमीटर का सफर करते हैं। प्रैक्टिस से लौटकर स्कूल जाते हैं। हालांकि, कई बार देर होने या किसी इवेंट में हिस्सा लेने के कारण स्कूल नहीं भी जाते हैं। कड़ी मेहनत करने वाले शार्दूल अपनी कामयाबी का श्रेय पिता और चाचा को देते हैं।
- वेदपाल से चार साल कोचिंग लेने के बाद शार्दूल दिल्ली में कोचिंग लेने लगे। अभी उन्हें अर्जुन अवॉर्डी अनवर सुल्तान कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में कोचिंग देते हैं। शार्दूल को सोमवार छोड़ रोज दिल्ली जाना होता है। घर पर भी वो अपनी गन की मूवमेंटस पर फोकस करता रहता है।
- दीपक कहते हैं, "मैं व्यस्तता के कारण रोज दिल्ली नहीं जा सकता। इसलिए शार्दूल अपने चाचा मनोज के साथ रोज 4 बजे दिल्ली जाता है। वह रोज स्कूल नहीं जा पाता। इसलिए उसकी पढ़ाई के लिए ट्युटर रखा है। टीचर भी होमवर्क के लिए दबाव नहीं बनाते।"

पहले प्रयास में ही जीता था सिल्वर, अब टारगेट कॉमनवेल्थ गेम्स

- शार्दूल विहान को पहली बड़ी जीत 9 साल की उम्र में नॉर्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप में मिली थी। उन्होंने 2012 में अपनी पहली ही चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। वे उसी साल नेशनल जूनियर में खेलना चाहते थे, पर 12 साल से कम उम्र होने के कारण उन्हें मौका नहीं मिल सका।
- तीन साल के इंतजार के बाद 2015 में उनका सिलेक्शन नेशनल जूनियर टूर्नामेंट के लिए हुआ।
- शार्दूल बताते हैं, "मेरा टारगेट कॉमनवेल्थ गेम में देश के लिए मेडल लाना है। डेली दिल्ली प्रैक्टिस के लिए आने-जाने में 150 किमी का सफर करना पड़ता है। इससे थकान होती है, लेकिन मेरा हौसला नहीं टूटता। कोच मुझे मोटिवेटेड रखते हैं।"

ओलिंपियन रंजीत सिंह सोढी के साथ शार्दूल विहान। ओलिंपियन रंजीत सिंह सोढी के साथ शार्दूल विहान।
Shardul Vihan boy who won four gold medals in shooting at age of fourteen
अपने दोस्त के साथ शार्दूल विहान। अपने दोस्त के साथ शार्दूल विहान।
Shardul Vihan boy who won four gold medals in shooting at age of fourteen
कोच अनवर सुल्तान के साथ शार्दूल विहान। कोच अनवर सुल्तान के साथ शार्दूल विहान।
Shardul Vihan boy who won four gold medals in shooting at age of fourteen
शार्दूल के पिता दीपक विहान। शार्दूल के पिता दीपक विहान।
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14 साल के शार्दूल विहान ने शूटिंग चैम्पियनशिप के सीनियर और जूनियर वर्ग में 4 गोल्ड मेडल जीते हैं।14 साल के शार्दूल विहान ने शूटिंग चैम्पियनशिप के सीनियर और जूनियर वर्ग में 4 गोल्ड मेडल जीते हैं।
ओलिंपियन रंजीत सिंह सोढी के साथ शार्दूल विहान।ओलिंपियन रंजीत सिंह सोढी के साथ शार्दूल विहान।
Shardul Vihan boy who won four gold medals in shooting at age of fourteen
अपने दोस्त के साथ शार्दूल विहान।अपने दोस्त के साथ शार्दूल विहान।
Shardul Vihan boy who won four gold medals in shooting at age of fourteen
कोच अनवर सुल्तान के साथ शार्दूल विहान।कोच अनवर सुल्तान के साथ शार्दूल विहान।
Shardul Vihan boy who won four gold medals in shooting at age of fourteen
शार्दूल के पिता दीपक विहान।शार्दूल के पिता दीपक विहान।
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