सहारनपुर. ग्रेटर नोएडा के निठारी कांड के नर पिशाच सुरेंद्र कोली को फांसी पर चढ़ाने से पहले मेरठ जेल के पवन जल्लाद भ्रमण पर निकल पड़ा है। कोली की फांसी 27 सितंबर तक के लिए टाल दी गई है। शनिवार को वह सहारनपुर पहुंच कर दो पुत्रियों और बहन से मिला। उसने यहां अपना पूरा दिन बेटी, बहन और नातियों के साथ गुजारा। पवन जल्लाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश आने के बाद सुरेंद्र कोली को 25 मिनट तक फांसी पर लटकाया जाएगा।
अपनी बहन के आवास पर यहां कलसिया रोड स्थित वाल्मीकि कालोनी में पहुंचे पवन जल्लाद का कहना है कि उसके लिए तो फांसी देना महज सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना है। कोर्ट का अगर आदेश आता है तो कोली को फांसी देने के लिए वह पूरी तरह से तैयार है। पवन ने कहा कि अपराधी को फांसी देना उसका पुश्तैनी काम है। अपने दादा और मामू से उन्होंने यह सब सीखा है।
मिलते हैं तीन हजार प्रति माह
सरकार की ओर से पवन जल्लाद को तीन हजार रुपए प्रति माह वेतन के रुप में दिए जाते हैं। उसने कहा कि इससे वह संतुष्ट है। मासूम बच्चों और बच्चियों के साथ बेहरमी करने वाले को समाज कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने कोली को नरपिशाच के नाम से पुकारा और कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध करने वालों को फांसी ही मिलनी चाहिए।
1988 में देखी पहली बार फांसी
उसने बताया कि अभी तक उसने पांच फांसी देखी है। अपने दादा के साथ 1988 में पहली बार एक बलात्कारी को फांसी देते हुए देखा था। पवन ने बताया कि उसका वजन 70 किलो है। वह अपने शरीर पर पूरा ध्यान देता है। समय मिलने पर वह व्यायाम भी करता है। उसने बताया कि यदि कोली को फांसी पर लटकाने के आदेश आते हैं तो कोली को 25 मिनट तक फंदे पर लटकाया जाएगा।
फोटो: अपनी बेटी के साथ पवन जल्लाद।