तस्वीर में : सुरेंद्र कोली
मेरठ. बुधवार को सुरेंद्र कोली को जिला जेल से वापस डासना जेल भेज दिया गया। इस दौरान उसे मीडिया से दूर रखा गया। जेल से बाहर आते समय उसने अपना मुंह कपड़े से ढक रखा था। उसके साथ उसका कपड़ों से भरा बैग था। कैमरा मैन ने सुरेंद्र कोली की तस्वीर अपने कैमरे में कैद करनी चाही लेकिन सुरेंद्र ने किसी को अपना चेहरा नहीं दिखाया।
सुरेंद्र कोली के चेहरे पर वापस डासना जेल जाते समय थोड़ी चमक भी दिखाई दे रही थी। शायद उसे उम्मीद है कि उसकी फांसी की सजा हमेशा के लिए टल सकती है। जिस समय सुरेंद्र कोली को 4 सितंबर की देर शाम मेरठ जेल में लाया गया था उस वक्त कोली के चेहरे पर तनाव था। तब उसे पता था कि उसके कभी भी फांसी पर लटकाया जा सकता है।
जेल प्रशासन ने ली राहत की सांस
सुरेंद्र कोली के वापस डासना जेल जाने के बाद मेरठ जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली है। 4 सितंबर को सुरेंद्र कोली मेरठ जेल शिफ्ट किया गया था। तभी से मेरठ जेल पर मीडिया का जमावड़ा लगा था। मीडिया सुरेंद्र कोली की फांसी को लेकर रोज जेल प्रशासन से सवाल पूछ रही थी। हालांकि अभी सुरेंद्र कोली की फांसी की सजा पूरी तरह नहीं टली है। उसकी फांसी की सजा पर फैसला 29 अक्तूबर को होने वाली सुनवाई के दौरान होगा। यदि खुली अदालत में भी उसकी फांसी की सजा बरकरार रखी गई तब फिर से सुरेंद्र कोली को मेरठ जेल में शिफ्ट किया जाएगा।
आगे देखिए उसे ले जाने का वीडियो...