मेरठ. स्वाइन फ्लू की दस्तक से मेरठ में दहशत है। स्वाइन फ्लू से दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक महिला का दिल्ली में इलाज चल रहा है। स्वाइन फ्लू से मरने वालों में एक लोईया गांव का है, जबकि दूसरा जाहिदपुर गांव का। इतना सबकुछ होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूट रही है। वह इन दोनों मौतों से अंजान बना है। ऐसे में इलाके के लोगों में दहशत है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा का कहना है कि स्वाइन फ्लू के दो मरीजों की जानकारी मिली है। इन मरीजों की जांच रिपोर्ट देखकर पता किया जाएगा कि क्या उन्हें स्वाइन फ्लू है। इन मरीजों के संपर्क में रहने वाले उनके परिवार के लोगों को टेमी फ्लू की प्रिवेंटिग डोज दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू के नए मरीज सामने आने की जानकारी से इनकार कर रहा है।
मथुरा में थे तैनात
लोईया निवासी राजेंद्र मथुरा में भूमि संरक्षण निरीक्षक के पद पर तैनात थे। परिजनों का कहना है कि राजेंद्र 31 जनवरी को छुट्टी लेकर घर आए थे। घर आने के एक दिन बाद ही उनकी तबीयत खराब हो गई। डॉक्टरों से दवा दिलायी गई, लेकिन आराम नहीं लगा। उसके बाद उन्हें सुशीला जसवंत राय अस्तपाल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में स्वाइन फ्लू की आशंका के चलते उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया।
दिल्ली में चल रहा था इलाज
राजेंद्र के परिजनों ने उन्हें दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उन्हे स्वाइन फ्लू वार्ड में रखा गया। राजेंद्र के बेटे अवधेश ने बताया कि उनकी जांच रिपोर्ट के लिए मुंबई भेजी गई थी, अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी जांच रिपोर्ट इंटरनेट पर देखी, तो एच1 एन1 पॉजिटिव की पुष्टि की गई। गुरुवार रात इलाज के दौरान राजेंद्र ने दम तोड़ दिया।
जाहिदपुर गांव का युवक भी स्वाइन फ्लू की चपेट में
स्वाइन फ्लू से जुड़ा दूसरा मामला जाहिदपुर गांव में सामने आया है। अरुण (35) की तबीयत करीब एक सप्ताह पहले खराब हुई थी। उसे मेरठ के सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में स्वाइन फ्लू की आशंका होने पर डॉक्टरों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू की पुष्टि की। शनिवार को दिल्ली से वापस लाते समय अरुण ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
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