बुलंदशहर. यूपी बोर्ड परीक्षाओं में होने वाले फर्जीवाड़े और नकल पर नकेल कसने के लिए प्रदेश सरकार ने इस बार फुलप्रूफ इंतजाम किए हैं। 18 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षाओं में केंद्र व्यवस्थापक को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इस व्यवस्था में यूपी बोर्ड द्वारा जारी एक सिमकार्ड और मोबाइल एप पूरे सिस्टम को बदल देगा और पारदर्शी परीक्षाएं की जा सकेगी। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए, और क्या हैं इंतजाम...
प्रदेश में 18 फरवरी से 31 मार्च तक चलने वाली यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए इस बार सरकारी इंतजाम चाक-चौबंद कर दिए गए हैं। प्रदेश सरकार ने नकल रोकने के लिए परीक्षा कराने के लिए केंद्र व्यवस्थाओं के हाथ बांध दिए है। जिला विद्यालय निरीक्षक रामाज्ञा कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक को परीक्षा शुरू होने के 20 मिनट के अंदर पूरे केंद्र में मौजूद परीक्षार्थियों की हाजिर एक मोबाइल एप में दर्ज करनी होगी।
एंड्राएड फोन पर ही काम करेगा एप
यूपी बोर्ड द्वारा जारी स्पेशल सिम कार्डों से ऑपरेट ये मोबाइल एप केवल एंड्राएड फोन पर काम करेगा। इस एप का नाम स्टूडेंट अटैंडेंस मॉनीटरिंग सिस्टम है। एंड्राएड फोन में दी गई सिम डालकर ही इस एप को डाउनलोड किया जा सकता है। यह एप में दिए गए विकल्पों में परीक्षा के दौरान मांगी गई जानकारियां ऑनलाइन फीड करनी होगी। पूरे प्रदेश में होने वाली बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों का डेटा परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे के अंदर बोर्ड के अधिकारियों के पास पहुंच जाएगा।
आठ जोन और 12 सेक्टरों में बांटा गया जिला
10वीं के 48858 और 12वीं के 35700 परीक्षार्थी इस बार बुलंदशहर में आयोजित बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। सभी परीक्षा केंद्रों पर जनसुविधाएं और बिजली की व्यवस्था करने के आदेश दिए गए हैं। पूरे जिले को आठ जोन और 12 सेक्टरों में बांटा गया है। सेक्टर मजिस्ट्रेट के तौर पर उप जिला मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा अन्य विभागों के अफसर फ्लाइंग स्कॉट में मौजूद रहेंगे।
सभी सेंटरों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जा रहा
डीएम बी. चंद्रकला ने बताया कि मंडलायुक्त मेरठ के निर्देश पर जिले के सभी 112 परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जा रहा है। ये कैमरे परीक्षा के दौरान कक्ष में होने वाली हर गतिविधि को रिकॉर्ड करेंगे। मकसद ये है कि अगर किसी केंद्र या रूम में नकल होने की शिकायत मिलती है तो सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ आसानी से कार्रवाई की जा सकेगी।