नोएडा/अमेठी/लखनऊ. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के पहले संसदीय क्षेत्र अमेठी के संगठन को दुरूस्त करने की कवायद तेज कर दी है। मंगलवार को राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी के साथ आठ ब्लाकों के कांग्रेस अध्यक्ष चुनने के लिए साक्षात्कार लिए। 2014 का लोकसभा चुनाव अमेठी से राहुल गांधी का तीसरा चुनाव है।
ब्लाक अध्यक्षों के चुनाव के लिए दावेदारों को अपने प्रतिद्वंदी से अधिक अंक हासिल करना है। सौ अंक की परीक्षा में ब्लॉक अध्यक्ष पद के दावेदार को राहुल व प्रियंका के साक्षात्कार में पास होना भी जरूरी है। क्योंकि इनके पास 30 अंक हैं। जबकि 35 अंक शिक्षा, बूथ परिणाम व संगठन की सहभागिता और 35 अंक साक्षात्कार के लिए है।
साक्षात्कार के लिए उन्हीं दावेदारों को बुलाया गया है, जिन्हें 50 प्रतिशत से अधिक अंक मिले हैं। संगठन को मजबूत करने के लिए की जा रही इस कवायद को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। मुंशी गंज गेस्ट हाउस में चल रहे इंटरव्यू से तमाम स्थानीय लोगों व कार्यकर्ताओं को दूर रखा गया है।
गौरतलब है कि अमेठी व रायबरेली राजीव गांधी परिवार की प्रतिष्ठा से जुड़ी है। राजनीति में उतरने के बाद अमेठी सीट पर 1999 में सोनिया गांधी ने और 1982 में स्वर्गीय राजीव गांधी ने पहली जीत दर्ज की थी। 1999 में ही प्रियंका गांधी ने अमेठी में कांग्रेस का संगठन खड़ा किया था। 1998 में अमेठी सीट पर भाजपा का कब्जा हो गया था।
प्रियंका ने सोनिया की चुनाव एजेंट के तौर पर सीट जीतने के साथ ही संगठन को चुस्त दुरूस्त किया था। कुछ अपवादों को छोड़ कर पिछले दो चुनाव 2004 व 2009 के दौरान प्रियंका गांधी की ज्यादातर भूमिका रायबरेली तक ही सीमित रही। हालांकि उन्होंने दोनों लोकसभा क्षेत्रों के विधानसभा सीटों में चुनाव में रूचि ली थी।
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