तस्वीर में: तस्वीर को जल समाधि देते शिव सैनिक।
वाराणसी. शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा साईं बाबा के ऊपर दिए नए बयान ने एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। शंकराचार्य ने नवरात्र में दुर्गा पूजा पंडालों में साईं की तस्वीर को न लगाने का फरमान जारी कर दिया है। इसे लेकर एक बार फिर साईं भक्त काशी में काफी गुस्से में है। शिवसैनिकों ने इसका विरोध करते हुए उनपर हिंदू भावना को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्वरूपानंद सरस्वती को सांकेतिक जलसमाधि तक दे दी।
साईं भक्तो के बाद अब शिवसैनिक भी शंकराचार्य स्वरूपानंद के विरोध में सड़कों पर उतर आएं हैं। जानकी घाट पर शिवसैनिक एकत्रित होकर स्वरूपानंद सरस्वती मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए भ्रमण करते हुए शंकराचार्य घाट पहुंचे। यहीं नहीं शिवसैनिकों ने शंकराचार्य को बीच गंगा में जलसमाधि भी दे दिया। ऐसा पहली बार हुआ जब काशी में शंकराचार्य को उनके जीवित रहते सांकेतिक जलसमाधि दिया गया।
बयान देना नहीं बंद किए तो होगा बड़ा आंदोलन
यूपी शिवसेना के प्रधान महासचिव अरुण पाठक ने बताया कि शंकराचार्य लगातार हिंदू आस्था को चोट पहुंचा रहे हैं। साईं बाबा के करोड़ों हिंदू भक्त हैं। उनके द्वारा दिए गए बयान कि नवरात्र में दुर्गा पंडालों में साईं बाबा की तस्वीर नहीं लगे, साईं भक्तो को दोबारा चोट पहुंचाती है। शिवसैनिकों का आरोप हैं की साईं भक्तों के करोड़ों हिंदू भक्त हैं, ऐसे में ऐसा बयान देकर वे हिंदुओं को विभाजित कर रहे हैं। उन्होंने ऐसा करना बंद नहीं किया तो शिवसैनिक उनके खिलाफ इससे बड़ा आंदोलन करेंगे।
आगे तस्वीरों में देखिए शिवसैनिकों ने कैसे किया विरोध प्रदर्शन...