वाराणसी. बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के भावी वैज्ञानिकों ने वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव 'सृष्टि' के चौथे दिन जमकर धमाल मचाया। स्टूडेंट्स ने स्वतंत्रता भवन में चल रहे कार्यक्रम में अपनी सांस्कृतिक और रचनात्मक हुनर का प्रदर्शन किया। यही नहीं, छात्रों ने गीत-संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां भी की। स्टूडेंट्स की शानदार प्रस्तुती पर सहपाठी और दर्शक भी अपने स्थान पर खड़े होकर झूमने लगे। सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में किसी ने गाने के माध्यम से तो किसी ने कला के जरिए तो किसी ने अपने दमदार अभिनय कौशल और भाव भंगिमा से अपनी बात को रखा।
स्टूडेंट्स ने मूक अभिनय, एकल अभिनय, एक्सप्रेशन, मेहंदी, रंगोली, पश्चिमी गीत-नृत्य और लोक नृत्य की प्रस्तुतियां की। इस दौरान मेरे सपनों की रानी, ओम शांति ओम, गीत से दर्शकों का दिल जीता तो 'ओ ओ जाने जाना' गीत पर नृत्य से छात्राओं ने समा बांध दिया। वहीं, सांस्कृतिक नृत्य के माध्यम से भारत की संस्कृति प्रदर्शित किया। अन्नदाता से भाग्य विधाता विषय पर अभिनय ने दर्शकों को विभोर कर दिया। मैथिली और बंगला गीतों पर भी नृत्य हुए। डॉ. आरपी सिंह और प्रो. आनंद कुमार सिंह ने स्टूडेंट्स का उत्साहवर्धन किया और अनुशासन की सीख भी दी।
विजेता प्रतिभागियों को दिया गया पुरस्कार
पोस्टर मेकिंग में शाश्वती, साबुज और हिमाल ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। ऑन स्पॉट पेंटिंग में सांबुज गांगुली, शाश्वती और प्रमोद सार ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए। कार्टूनिंग में दर्शन मोहंती ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कोलाज में अंजुश्री राज शेखर, शौम्या और स्मृति ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। रंगोली में दिव्या, शालिनी, रिचा और अजित ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। मेंहदी प्रतियोगिता में प्रिया सिंह और पूजा ने प्रथम, सृजन ने द्वितीय और श्रेया गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
निदेशक ने छात्रों को दी शुभकामना
समापन समारोह में निदेशक कृषि विज्ञान संस्थान डॉ. आर.पी. सिंह ने छात्रों को शुभकामनाएं दी और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के अंत में छात्र सलाहकार महोदय ने धन्यवाद ज्ञापन किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए छात्रों को बधाइयां दी।
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