तस्वीर में: बीएचयू मुख्य द्वार के पास तैनात फोर्स।
वाराणसी. बीएचयू के छात्रों ने लंका और प्रफुल्लनगर कॉलोनी में मंगलवार देर रात गर्ल्स हॉस्टल में हुई छेड़खानी के विवाद में जमकर तांडव किया। छात्रों ने कॉलोनी सहित रविदास गेट से सिंह द्वार के बीच भारी तोड़फोड़ की। दर्जनों गाड़ियों को क्षतिग्रस्त करने के साथ इलाके में लगे चार एटीएम मशीनों को भी तोड़ दिया। सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने घरों में पथराव किया। उपद्रवी छात्रों की भीड़ ने जबरदस्ती लंका थाने पहुंच कर अपने दो साथियों को भी छुड़ा लिया। इसके विरोध में बुधवार को लंका के व्यापरियों ने दुकानों को बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
दूसरी तरफ उपद्रवी छात्र यूनिवर्सिटी के अंदर लामबंद होकर विरोध की तैयारी करने में जुट गए। लंका इलाके में कई थानों की फोर्स को सुरक्षा के मद्देनजर लगाया गया है। व्यापारियों की मांग है कि उपद्रवी छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
आंदोलन जारी रखने की दी धमकी
मारपीट से नाराज होकर व्यापारी इंसाफ मांगने के लिए सड़कों पर उतर आए। लंका चौराहे पर रविदास गेट के नीचे ये व्यापारी अपनी-अपनी दुकानें बंद कर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग है कि उपद्रवी छात्रों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो। व्यापार मंडल महामंत्री अशोक पाण्डेय का आरोप हैं की विश्वविद्यालय के छात्र हमेशा से ही यहां अपनी गुंडागर्दी दिखाते हैं। आए दिन तोड़फोड़ करते हैं। यदि इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
ये था मामला
कॉलोनी में स्थित गर्ल्स हॉस्टल की तीन लड़कियां पढ़कर वापस आ रही थी। इनके साथ बीएचयू के तीन छात्र थे, जिन पर छेड़खानी का आरोप लगाकर स्थानीय दुकानदार संतोष ने मारपीट शुरु कर दिया। इसके बाद दो छात्रों को पुलिस के हवाले कर दिया। इसी से नाराज अन्य छात्रों ने थाने पर कब्जा कर जमकर तोड़फोड़ किया।
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