वाराणसी. काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में बुधवार को देश में किसानों की दुर्दशा और उनके जीवन का दर्द देखने को मिला। दरअसल, कृषि विज्ञान संस्थान की ओर से 'श्रृष्टि' कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें छात्रों ने देश के उन किसानों का दर्द बयां किया जो आज भूखे मर रहे हैं, जो आत्मदाह करने को मजबूर हैं। यहां मंच पर इसमार्मिक प्रस्तुति ने देखने वालों के आंखों में आंसू भर दिए। कार्यक्रम में रंगोली के साथ छात्रों ने जबरदस्त मिमिक्री को भी प्रस्तुत किया।
कृषि विज्ञान संस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रथम वर्ष के छात्रों ने किसानों से जुड़े नाट्य को प्रस्तुत किया। इस मंच से यह दर्शाया कि देश को दिशा देने वाला किसान कैसे मर रहा है। इसमें समाज और सरकार के नीतियों पर करारा प्रहार किया गया।
छात्रों ने सामाजिक मुद्दों के साथ प्यार के ज्वलंत मुद्दों को भी दर्शाया और संदेश देने का प्रयास किया। छात्र अविनाश ने बताया कि किसानों की योजनाएं उन तक नहीं पहुंचती वह मरने को मजबूर हैं। ऐसे में पत्नी और परिवार का दर्द क्या होता है, इसे समझना चाहिए। मौत के दर्द को कोई नहीं समझता, आखिर क्यों?
निर्णायक मंडल में डॉ. एके वर्मा ने बताया कि छात्रों का उत्साह देखते ही बनता है। इन बच्चों ने समाज की उस तस्वीर को प्रस्तुत किया है, जो लोग खुली आंखों से भी नहीं देख पाते हैं।
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