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बीएचयू के प्रोफेसर पर लगा रिसर्च चुराने का आरोप, मामला दर्ज

8 वर्ष पहले
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वाराणसी. बीएचयू स्थित कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. आरपी सिंह के खिलाफ रिसर्च चोरी करने और जान से मारने की धमकी देने का मुकदम दर्ज किया गया है। यह मुकदमा हरिकेश बहादुर सिंह नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर लंका थाने में दर्ज किया गया है।
कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. आरपी सिंह को कुछ दिनों पहले प्रेस पब्लिकेशन एंड पब्लिसिटी सेल का चेयरमैन भी बनाया गया है। प्रो. आरपी सिंह ने बताया कि 2004 में धान की नयी प्रजाति मालवीय सुगंधा बासमती 3022 को शोध में विकसित किया था लेकिन अब उनपर साजिशन ब्रिड की तकनीक को चुराने का आरोप लग रहा है। यह गलत है।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक हमेशा रिसर्च को आगे बढ़ाता है। उनके पास अपने रिसर्च संबंधित पूरा प्रमाण और ब्योरा है। इसको वे जल्द ही कुलपति को सौंप देंगे। प्रो. आरपी सिंह का आरोप है कि यह प्रेस पब्लिकेशन एंड पब्लिसिटी सेल के पूर्व चेयरमैन प्रो. राजेश सिंह की साजिश है। उन्होंने मुझे फंसाया है।
लंका थानाध्यक्ष वेद प्रकाश का कहना है कि हरिकेश बहादुर सिंह की ओर से तहरीर दी गयी थी। प्रो. आरपी सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी, फोर्जरी समेत तमाम धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच की जा रही है। थानाध्यक्ष लंका वेद प्रकाश का कहना है कि धान की प्रजाति को लेकर कोई रिसर्च किया गया है। इसका पेपर पब्लिकेशन प्रो. आरपी सिंह ने अपने नाम से कराया है। इस आरोप की गंभीरता से जांच की जा रही है।