• Hindi News
  • Bhu Trauma Center Doctors On Strike After Beaten By Students

BHU ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने की हड़ताल, छात्रों पर लगाया मारपीट का आरोप

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
वाराणसी. मंगलवार की रात साथियों से मारपीट के विरोध में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टर बुधवार सुबह से हड़ताल पर हैं। इससे मरीज परेशान हैं। एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। मृतक सुधीर सिंह के दोस्त राहुल ने बताया कि किसी डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया। जिसके बाद सुधीर की मौत हो गई। इस बीच, हड़ताली डॉक्टर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। वहीं, इस मामले में एक घायल छात्र को विश्वविद्यालय प्रशासन ने सस्पेंड कर दिया है।
डॉक्टरों की हड़ताल खत्म कराने के लिए आईएमएस के डायरेक्टर बीके शुक्ला और कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने उनसे दो बार बातचीत की, लेकिन डॉक्टर हड़ताल तोड़ने को राजी नहीं हैं। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाने का फैसला किया है। कमेटी से 72 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही एक छात्र उज्ज्वल को सस्पेंड करने का भी फैसला हुआ है। अस्पताल प्रशासन ने जिले के अफसरों से परिसर में पीएसी तैनात करने के लिए भी मांग की है।
मारपीट करने वाले भागे
चीफ प्रॉक्टर प्रो. सत्येंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार रात बीएचयू के छात्र उज्ज्वल को लेकर उसके साथी ट्रॉमा सेंटर आए थे। वहां मारपीट हुई थी। मारपीट करने वाले तो भाग गए, लेकिन उज्ज्वल को सजा भुगतनी पड़ी है। उसके साथियों की तलाश जारी है। सभी छात्रों के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उज्ज्वल बीए थर्ड सेमेस्टर ऑनर्स का छात्र है। मारपीट में पांच छात्र शामिल थे।
मांग पर अड़े हड़ताली डॉक्टर
मारपीट में घायल होने के बाद रेजीडेंट डॉक्टर आक्रोशित हैं और वे अपनी मांग पर अड़े हैं। उनकी मांग है कि सीसीटीवी फुटेज में कैद मारपीट करने वाले सभी छात्रों को गिरफ्तार किया जाए और उन्हें विश्वविद्यालय से निकाला जाए। दूसरी मांग है कि उनको सुरक्षा दी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है कि उनके साथ आए दिन मारपीट होती है।
क्या है मामला?
बीएचयू की आर्ट्स फैकल्टी के दो छात्र उज्ज्वल और संदीप मंगलवार को एक्सीडेंट में घायल हुए थे। उन्हें लेकर साथी छात्र ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि हल्की चोट बताकर डॉक्टरों ने इलाज से इनकार कर दिया। उन्होंने जोर देने पर गार्ड बुलाकर भगाने की भी बात की। इससे उग्र छात्रों ने हंगामा बरपाया, तोड़फोड़ की और डॉक्टरों और स्टाफ को पीटा। इसके बाद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने एक घंटे तक काम बंद कर दिया था। लंका थाने के एसओ के हस्तक्षेप के बाद डॉक्टर काम पर लौटे थे, लेकिन बुधवार से हड़ताल पर चले गए। सारी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है।