वाराणसी. काशी हिंदू विश्वविद्यालय के महिला सफाई कर्मियों के साथ खुलेआम हो रही छेड़खानी ने नाराज सफाई कर्मियों ने मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया। सफाई एवं सहायक सेवा संस्थान कार्यालय के बाहर धरना दे रहे सफाई कर्मियों ने आरोप लगाया कि संस्थान के असिस्टेंट रजिस्ट्रार मोती चंद के दो ड्राइवर महिला सफाई कर्मियों के साथ लंबे समय से छेड़खानी करते आ रहे हैं।
छेड़खानी की शिकार महिला सफाई कर्मियों ने बताया कि प्रतिदिन सुबह असिस्टेंट रजिस्ट्रार मोती चंद के साथ दो ड्राइवर आरपी यादव और चांदकाती राउंड पर चलते हैं। मोती चंद अपने निरीक्षण करने के बजाय दो ड्राइवरों को भेज देते हैं। जब ये ड्राइवर बाथरूम की सफाई व्यवस्था को देखने जाते हैं तो मौका देखकर महिलाओं के साथ जबरदस्ती करने लगते हैं। यही नहीं इसकी शिकायत लेकर जब ये महिलाएं मोती चंद के पास पहुंचती है तो वे हंस कर शिकायत अनसुना कर देते हैं।
शिकायत करने पर पीड़िता के खिलाफ कार्रवाई
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि शिकायत करने के बाद ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर उल्टा उनके खिलाफ ही कार्रवाई कर दी जाती है। यही नहीं, दैनिक वेतन भोगी होने पर पैसा रोक लिया जाता है या काम से हटा दिया जाता है। इस डर से लंबे समय से चल रही छेड़खानी का सिलसिला जारी है। अब जब ड्राइवर की बदतमीजी बढ़ती ही जा रही है तो सभी सफाईकर्मी एक जुट हो कर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यही नहीं, ड्राइवर को सह देने वाले मोती लाल के को भी पद से हटाने की मांग की है।
कई घंटे बाद समाप्त हुआ धरना
सुबह कार्यालय पर पहुंचे कर्मचारियों ने सफाई नहीं करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपनी आवाज को कुलपति और दूसरे अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए धरना देने का फैसला किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन के अंदर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। धरना प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे चीफ प्राक्टर प्रो. सत्येंद्र सिंह ने आश्वासन दिया कि तीन दिन के अंदर दोषियों के खिलाफ जांच कर उन्हें दंडित किया जाएगा।
फोटो: प्रदर्शन करते लोग।