वाराणसी. ब्लड प्रेशर, शुगर और हार्ट जैसी बीमारियों में जीवन रक्षक दवाओं की कीमत एक बार फिर से बढ़ गई है। इसे लेकर मैदागिन चौराहे पर उद्योग व्यापार मंडल के लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से बढ़े हुए दाम को तुरंत कम करने की मांग की।
भारत सरकार के अधीन हैं दवा कंपनियांं
मंडल महासचिव मुकेश जायसवाल ने बताया कि 364 बड़ी दवा कंपनियां भारत सरकार के अधीन है। नवंबर में जेफी, ट्रैक्सर, कैस्रीरॉल, मोटेंगो, लोसाटरन जैसी दवाइयां 10 से 20 रुपए और महंगी हो गई है। ऐसी दवाइयां लंबी चलती है, सरकार को तुरंत इस पर रोक लगाना चाहिए।
हो रही मनमानी
मंडल प्रभारी विजय कपूर ने बताया सरकार नई ड्रग नीति बनाकर इन महत्वपूर्ण दवाओं के कीमतों का निर्धारण करे। जो लोसा टरन 120 की थी अब वो 132 रुपए पत्ता हो गई है। केंद्र सरकार दवा कंपनियों पर लगाम लगा सकती है। टैक्स, वेट, एक्साइज ड्यूटी और महंगाई के नाम पर दाम बढ़ाया जा रहा है।
माल्क्यूल्स रेट में हुई बढ़ोत्तरी
दवा विक्रेता मनोहर लाल ने बताया कि जिन दवाओं की कीमत बढ़ी है उनके माल्क्यूल्स रेट में बढ़ोत्तरी हुई होगी। जिन जीचों से दवा बनती है, उस पर भी महंगाई की मार है। आयत कर काफी महंगा हो गया है, जिससे लागत महंगी होती जा रही है। केंद्र सरकार चाहे तो कंपनियों को आयत कर में राहत देकर दवा की कीमतों पर अंकुश लगा सकती है।
फोटो: प्रदर्शन करते व्यापारी।