हर साल 9 दिसंबर को 'इंटरनेशनल एंटी करप्सन डे' मनाया जाता है। इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार के नकारात्मक पहलुओं के बारे में समाज में जागरुकता फैलाना है। इस अवसर पर dainikbhaskar.com यूपी में हाल के घोटालों से जुड़ी पहलुओं के बारे में आपको बताने जा रहा है। सोनभद्र. जिले में मनरेगा योजनाओं के अंतर्गत 300 करोड़ रुपए की हेरा-फेरी का मामला सामने आया है। सीबीआई टीम इसकी जांच कर रही है। टीम जिले में कई बार पहुंचकर महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाल चुकी है। इसमें पूर्व जिलाधिकारी पंधारी यादव का नाम आने से हड़कंप मच गया। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया।
मनरेगा मद में आए पैसे से तालाब, चैक डैम और सड़क का निर्माण होना था। सूत्रों के अनुसार, इसमें बड़ी धांधली पकड़ी गई है। मनरेगा घोटाले पर लगातार कागजी कार्रवाई करने वाले समाजसेवी अमरनाथ पांडेय ने आईटीआई के जरिए इस मामले में बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि सीबीआई की टीम अपने तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है।
कई ब्लाकों में सीबीआई कर रही है जांच
सीबीआई की टीम राबर्ट्सगंज जिला मुख्यालय पहुंचकर कई बार तमाम ऑफिसों में जांच कर चुकी है। घोरावल, चोपन, न्योरपुर समते कई ब्लाकों के ऑफिसों में सीबीआई टीम जांच कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा 2007 में जारी शासनादेश के अनुसार, मनरेगा योजनाओं के लिए पैसा जारी किया था। ब्लाक, ग्राम पंचायत और जिले स्तर पर खर्च करने के लिए पैसा भेजा गया था। पूरे मामले में कोई भी बोलने को तैयार नहीं हो रहा है।
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