तस्वीर में: चीन के राष्ट्रपति के भारत दौरे पर सारनाथ में 'गो बैक' के नारे लगाता तिब्बती।
वाराणसी. भारत दौरे पर आए चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के खिलाफ सारनाथ में तिब्बतियों ने मोर्चा खोलते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। तिब्बती संस्थान सारनाथ के अंदर सेफ तिब्बत का नारा बुलंद करते समुदाय के लोगों ने चीनी राष्ट्रपति के भारत से वापस जाने की मांग की है। इन लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।
इन तिब्बतियों का कहना है कि चीन कब्जे की नीति में विश्वास करता है। कई साल से चीनी सेना तिब्बत पर कब्जा कर अत्याचार करते आई है। भारत की सीमा में घुसपैठ जारी है। चीनी कभी समझौता और समानता की नीति पर विश्वास नहीं करते हैं।
भिक्षु संघ ने बताया की उन्हें चीन से आजादी चाहिए। तिब्बत को लगातार चीन ने दबाकर रखा है। वहां रहने वाले लोगों को किसी भी तरह की आजादी नहीं है। धार्मिक विषमता को चीन तिब्बत में शुरू से फैलाकर पूरा कब्जा करना चाहता है। उन्होंने कहा कि वह न्याय चाहते हैं नाकि राष्ट्रपति का भव्य स्वागत। वह चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग का विरोध करते हैं।
भिक्षु जंपक लुंडक ने बताया कि तिब्बत में धार्मिक स्वतंत्रता की मांग कई साल से चली आ रही है। चीनी सेना तिब्बतियों को यातनाएं देती है। तिब्बत में हो रहे अत्याचार की चीनी नीति को खत्म किया जाए। भिक्षु चिने ने बताया कि
नरेंद्र मोदी अच्छी पहल चीन के साथ करना चाह रहे हैं, लेकिन राष्ट्रपति जिनपिंग को भारत भेजकर सीमा पर चीनी सेना तांडव कर रही है। यह उसकी दोहरी नीति को दर्शाती है।
आगे तस्वीरों में देखिए सारनाथ में तिब्बतियों का विरोध प्रदर्शन...