वाराणसी. प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से पिनकॉन चिटफंड कंपनी करोड़ों रुपए लेकर फरार हो गई। निवेशकों ने सिगरा थाने पर शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने कंपनी के मैनेजर समेत दो कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है। निवेशकों ने कंपनी पर फ्रॉड का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की है। सीओ चेतगंज ने बताया कि मामला गंभीर है, पूछताछ चल रही है।
निवेशकों को पिनकॉन कंपनी के फरार होने का संदेह अनंत कॉम्प्लेक्स के बाहर बोर्ड नहीं होने पर हुआ। रातोंरात बोर्ड को हटा कर कंपनी फरार हो गई। सैकड़ों निवेशकों ने पैसा वापसी की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
दो साल से दो गुना कर रही थी पैसा
जानकारी के मुताबिक, पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के करीब 50 हजार लोगों के करोड़ों रुपए से अधिक इस कंपनी में लगे हैं। 14.5 फीसदी ब्याज की पेशकश पर लोगों ने इस चिटफंड कंपनी में आंख मूंदकर निवेश किए थे। शुरू के दो साल कंपनी ने लोगों के रुपए दोगुने भी किए और अब गायब हो गई।
निवेशक रितेश राय के अनुसार पिनकॉन ग्रुप में 11 कंपनियां हैं। इस कंपनी के गायब होने का पर्दाफाश तब हुआ जब निवेशक इस कंपनी के कार्यालय गए, जहां जाते ही उन्होंने देखा की कंपनी के कार्यालय के बाहर जो पिनकॉन का बोर्ड लगा था, उसकी जगह यूनिवर्सल लिखा हैं और अंदर की ऑफिस बदल गई है। पूछने पर जानकारी मिली की यहां पिनकॉन नाम की कोई कंपनी नहीं है।
पिनकॉन चिटफंड कंपनी के फरार होने के बाद निवेशकों की जुटी भीड़ (तस्वीर में)