फोटो: गिरफ्तार आरोपी।
चंदौली/वाराणसी. चंदौली में जालसाजी का मामला सामने आया है। चकिया इलाके स्थित एक सरकारी प्राइमरी स्कूल के टीचर ने फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने के नाम पर आधा दर्जन युवकों को ठग लिया। आरोप है कि उसने युवकों से नौकरी दिलाने के नाम पर तकरीबन 8.5 लाख रुपए हड़प लिए। पोल खुलने पर उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि उनका एक और साथी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए टीचर का नाम महेंद्र कुमार है। वह धरदे प्राथमिक स्कूल में टीचर हैं। इनपर करीब तीन साल पहले अलीनगर थाना क्षेत्र के कुछ युवकों से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए वसूलने के आरोप हैं। पीड़ित प्रकाश और जसवंत ने बताया कि मास्टर ने एक नौकरी के बदले चार-चार लाख रुपए की डिमांड की थी। एक- एक लाख रुपए एडवांस के तौर पर लिए थे। यही नहीं, पैसा लेने के करीब छह महीने बाद डीजल रेल इंजन कारखाना (डीएलडब्ल्यू) वाराणसी का नियुक्ति पत्र भी दे दिया।
युवक जब ज्वॉइनिंग करने रेलवे ऑफिस पहुंचे, तो पता चला कि ये नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। मास्टर साहब द्वारा ठगे जाने की पोल खुलने के बाद पीड़ित युवको ने अपना पैसा वापस मांगा। पैसे वापसी को लेकर कई बार दोनों पक्षों में पंचायत भी हुई, लेकिन मास्टर साहब इन युवकों को टरकाते रहे। तारीख पर तारीख बीतती रही, लेकिन गुरुजी ने इनका पैसा नहीं लौटाया। ऐसे में पीड़ितों ने चंदौली के अलीनगर थाना में मास्टर साहब के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
अलीनगर थाना प्रभारी रामजी सिंह का कहना है कि थाना क्षेत्र के 6 युवकों ने दो लोगो के खिलाफ तहरीर दी है। उन्होंने महेंद्र और सुरेंद्र को नामजद किया है। महेंद्र सरकारी स्कुल का टीचर है। दोनों पर रेलवे ग्रुप डी भर्ती परीक्ष-2011 में पैसे लेकर नौकरी दिलाने का आरोप है। तहरीर पर कार्रवाई करते हुए आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उशके साथी की तलाश जारी है।
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