वाराणसी/मिर्जापुर. समाज भले ही आज अपने आपको को आधुनिक मान रहा हो, लेकिन माता विंध्यवासिनी के दरबार में लावारिस हालत में मिली दो माह की एक मासूम बच्ची ने ये साबित कर दिया है कि रूढ़िवादिता आज भी हमारे समाज का ही हिस्सा है।
मंदिर परिसर में मिली लावारिस बच्ची को किसी महिला ने देवी के आंगन में छोड़ दिया था। पुलिस भी बच्ची के माता-पिता की तलाश में लगी है। कड़ाके की इस ठंड में मंदिर के ही पास के रहने वाले देवी पटेल ने बच्ची को अपने यहां रखा हुआ है। उनका मानना है मानो माता विंध्यवासिनी उनके घर आ गई हो।
देवी पटेल ने बताया कि उनके परिवार में बेटी अभी तक नहीं है। माता की कृपा है कि उनको बेटी की प्राप्ति हो गई। दो महीने की बच्ची को इस ठंड में इसके मां बाप ने मंदिर में छोड़ दिया था। देवी पटेल के परिजनों में भी ख़ुशी की लहर है। उनका भी यही मानना है कि माता ने ही बच्ची को उनके घर भेजा है।
आगे देखें किस परिवार ने इस बच्ची को अपनाया...
विंध्याचल थानाध्यक्ष सुरेन्द्र तिवारी ने बताया कि बच्ची मंदिर परिसर में ही मिली थी। परिजनों को काफी ढूढ़ा गया, लेकिन उनकी कोई सूचना नही मिली। कई जगहों पर पता किया जा रहा है कि आखिर क्यों बच्ची को माता के चरणों में छोड़ दिया गया।