हर साल 9 दिसंबर को 'इंटरनेशनल एंटी करप्शन डे' मनाया जाता है। इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार के नकारात्मक पहलुओं के बारे में समाज में जागरुकता फैलाना है। इस अवसर पर dainikbhaskar.com यूपी में हाल के घोटालों से जुड़ी घटनाओं के बारे में आपको बताने जा रहा है।
भदोही/वाराणसी. पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर 'निर्मल भारत अभियान' की शुरुआत की थी। इसके तहत उन्होंने गांवों में शौचालय बनवाने पर जोर दिया। इसके तहत बजट आवंटित किया गया है। घोटालेबाज निर्मलीकरण की इस योजना में भी घोटाला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि जिले में चार हजार शौचालयों का निर्माण सिर्फ कागजों पर कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद तत्कालीन ग्राम प्रधानों और सचिवों पर उचित कार्रवाई की गई। प्रशासन के आदेश पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
'निर्मल भारत अभियान' के अंतर्गत 2002 से 2011 तक भदोही को शौचालय के निर्माण के लिए 10 करोड़ से ज्यादा बजट मिला। इतनी रकम से 70 हजार शौचालयों का निर्माण होना था। तत्कालीन डीएम अमृत त्रिपाठी ने इस मामले में तफ्तीश की। जांच के दौरान योजना में बड़ा घोटाला निकलकर सामने आया। पाया गया की जिले में हजारों शौचालयों का निर्माण हुआ ही नहीं। बस सरकारी कागजों में इसकी गलत डिटेल दे दी गई।
ब्लॉक स्तर पर हुई जांच-पड़ताल
इसके तहत बीते नौ साल के आंकड़े लिए गए। इसमें डीघ ब्लॉक में 13,100, अभोली ब्लॉक में 6,499, ज्ञानपुर में 11,100, भदोही में 15,448, सुरियावा में 9300 और औराई में 3000 शौचालयों का निर्माण दिखाया गया। वहीं, जिले के सभी क्षेत्रों में साल 2012-2013 में 3600, साल 2013-2014 में 10055 और 2014-2015 के लिए 3700 शौचालयों के निर्माण हुए हैं। तत्कालीन डीएम के तबादले के बाद उनके बाद के डीएम ने भी मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने ब्लॉक स्तर से मामले की जांच-पड़ताल करवाई।
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