फोटो: मां दुर्गा की मूर्ति को आखिरी समय में मूर्त रूप देता मूर्तिकार।
वाराणसी. गुरुवार से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहा है। ऐसे में बंगाली पंजिका के गणना से मां दुर्गा का आह्वान नौकों (नाव) पर हो रहा है, जो शुभ नहीं होता है। जाते समय मां डोली पर विदा होकर जाएंगी जो शुभ होता है। मां का आगमन और प्रस्थान गज (हाथी ), अश्व, डोली और नाव पर अलग-अलग गणनाओं के अनुसार शारदीय नवरात्र में होता है।
वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य विश्वनाथ भट्टाचार्य ने बंगाली पंजिका के गणना के अनुसार बताया कि नाव पर आगमन की वजह से ही धरती के स्वर्ग
कश्मीर में जल प्रलय की तबाही आई। देश अकारण जल आपदाओं से घिरा रहा। डोली पर जाना, विदा होना मां का शुभ है।
नाव पर आगमन और डोली पर विदा होने से फायदे और नुकसान
पंडित विश्वनाथ भट्टाचार्य बताते हैं कि नाव पर आगमन जल प्रलय का कारक है। मां के प्रस्थान के पहले देश जल प्रलय के तांडव से हाहाकार कर रहा था। पंडित बताते हैं कि मां डोली पर विदा हो रही हैं। देश में महंगाई नियंत्रण की नीतियां अच्छी बनेंगी । सरकार जनता के लिए अच्छी योजनाओं को लेका आएगी। वहीं आपदा प्रबंधन की नीतियां अच्छी बनेंगी। एक बात का खतरा सीमा पर हमेशा बना रहेगा।
नवरात्रि के साथ देश के पीएम नरेंद्र मोदी अमेरिका का दौरा शुरू कर रहे हैं, जो काफी लाभकारी होगा। पंडित विश्वनाथ भट्टाचार्य बताते हैं कि अमेरिका विश्व का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र है। ऐसे में मोदी शक्ति की देवी मां दुर्गा के पावन पर्व पर शक्ति का आह्वान लेकर अमेरिका जा रहे है, जो उन्हें ओबामा के सामने बल देगा। इसके साथ ही वह मां की उपासना के लिए व्रत भी रहेंगे। राजा जब शक्ति की अराधना कर शक्तिशाली राष्ट्र के सामने खड़ा होगा तो विश्व में भारत की अलग पहचान बनेगी। ऐसे में मोदी को चाहिए कुछ लाल वस्त्र अपने पास अवश्य रखें ताकि नीतियों समझौतों पर वो देश के सामने खरे उतरें।
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